गुरुग्राम, हरियाणा। प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शांति निकेतन को-ऑपरेटिव ग्रुप हाउसिंग सोसाइटी (एसजीएचएस) के सदस्यों के साथ कथित धोखाधड़ी और धनशोधन के मामले में दिल्ली, गुरुग्राम और फरीदाबाद में आठ ठिकानों पर छापेमारी कर बड़ी कार्रवाई की है। यह कार्रवाई मनी लॉन्ड्रिंग रोकथाम अधिनियम (पीएमएलए), 2002 के तहत की गई, जिसमें करोड़ों रुपए की नकदी, सोना-चांदी, डिजिटल साक्ष्य और महत्वपूर्ण दस्तावेज जब्त किए गए हैं।
ईडी की यह जांच गुरुग्राम के सुशांत लोक थाने में दर्ज भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के अंतर्गत एफआईआर के आधार पर शुरू हुई। इस एफआईआर में सोसाइटी के तत्कालीन अध्यक्ष मंगल सैन मित्तल, मेसर्स कॉनोइसर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड के निदेशक अनिल शर्मा और अरुण शर्मा समेत अन्य पर सोसाइटी के सदस्यों के साथ धोखाधड़ी करने का आरोप शामिल है।
जांच में पता चला है कि मित्तल ने शर्मा भाइयों के साथ मिलकर सोसाइटी पर अवैध नियंत्रण स्थापित किया और सदस्यों के फंड का गबन किया। आरोप है कि उन्होंने फर्जी सदस्य बनाए, आधिकारिक रिकॉर्ड छिपाए और भारी रकम जुटाने के बाद हाउसिंग प्रोजेक्ट अधूरा छोड़ दिया।
इसके अलावा, सोसाइटी के सदस्यों की संख्या केवल 98 तक सीमित थी जबकि आरोपियों ने 34 अतिरिक्त अवैध सदस्यता बेच दीं। फ्लैट की बिक्री के लिए दोहरे भुगतान की व्यवस्था अपनाई गई, जिसमें ग्राहक बैंकिंग चैनलों के साथ-साथ नकद भुगतान भी करते थे। अब तक की जांच में लगभग 90.50 करोड़ रुपए की वसूली का पता चला है जो बैंक खातों और नकद के माध्यम से हुई है।
जांच में यह भी ज्ञात हुआ कि सोसाइटी के फंड को आरोपियों से जुड़ी व्यावसायिक कंपनियों में ट्रांसफर किया गया। बैंक खातों का विश्लेषण करने पर धन की लेयरिंग और रोटेशन से जुड़े प्रमाण मिले हैं। विशेष तौर पर कॉनोइसर इन्फ्राबिल्ड प्राइवेट लिमिटेड और अनिल शर्मा के खातों में 12 करोड़ रुपए नकद जमा पाए गए हैं।
9 जुलाई को ईडी ने तलाशी के दौरान कई डिजिटल उपकरण, संपत्ति से जुड़ी दस्तावेज, ऑडिटेड वित्तीय रिकॉर्ड, टैली डेटा और फंड डायवर्जन से संबंधित दस्तावेज जब्त किए। साथ ही लगभग 6.63 करोड़ रुपए की संपत्ति भी बरामद की गई। जब्त संपत्ति में 55 लाख रुपए की बेहिसाबी नकदी, 1.85 करोड़ रुपए की सोने की ईंटें, 1.95 करोड़ रुपए के सोने के आभूषण तथा करीब 100 किलोग्राम चांदी जो लगभग 2.28 करोड़ रुपए की है, शामिल हैं।
ईडी ने आरोपियों से जुड़े बैंक खातों को भी फ्रीज कर दिया है। एजेंसी का कहना है कि मामले में धनशोधन और वित्तीय अनियमितताओं के पूरे नेटवर्क की जांच अब भी जारी है और आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
यह मामला हाउसिंग सोसाइटी और उसके सदस्यों के हितों के लिए गंभीर चुनौती है। ईडी का दृढ़ कहना है कि ऐसे आर्थिक अपराधों को बिना किसी भेद भाव के उजागर कर न्यायालय में उचित कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, ताकि भविष्य में इस प्रकार के अपराधों को रोका जा सके।
