चंडीगढ़, पंजाब-हरियाणा।
ट्राइसिटी के कैब ड्राइवरों का गुस्सा इस समय चरम पर है और वे अपनी मांगों को लेकर सख्त हैं। 13 जुलाई 2026 को चंडीगढ़ प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा प्रदर्शन आयोजित किया जाएगा। इसके मद्देनजर आज एक महत्वपूर्ण बैठक होने जा रही है, जिसमें प्रदर्शन की रणनीति पर चर्चा होगी। यह बैठक सेक्टर-25 में धरना स्थल पर आयोजित की जाएगी जहां कैब ड्राइवर लंबे समय से अपनी समस्याओं को लेकर आवाज उठा रहे हैं।
कैब ड्राइवरों की सबसे बड़ी मांग ओला-उबर जैसी एग्रीगेटर कंपनियों द्वारा किराया दरों में उचित बढ़ोतरी की है। उन्होंने बताया कि पेट्रोल, डीजल और सीएनजी की लगातार बढ़ती कीमतों के बावजूद किराया स्थिर है, जिससे उनकी आमदनी पर गंभीर असर पड़ा है। यदि किराया नहीं बढ़ाया गया तो उनका कारोबार चलाना मुश्किल हो जाएगा, इसलिए वे तुरंत इससे जुड़ी कार्रवाई की उम्मीद कर रहे हैं।
इसके अलावा कैब चालकों ने यह भी शिकायत की है कि हर दिन ₹200 का पास शुल्क उन्हें काम शुरू करने से पहले देना पड़ता है, जो उनके लिए भारी पड़ रहा है। वे चाहते हैं कि प्रशासन इस शुल्क को बंद करे। इसके साथ ही, ड्राइवर बीमा की भी मांग कर रहे हैं ताकि किसी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। पुलिस सत्यापन की प्रक्रिया भी तेज करने हेतु उन्होंने प्रशासन से आग्रह किया है ताकि उनका काम भरोसेमंद और सुरक्षित बन सके।
इन सभी समस्याओं के समाधान के लिए 13 जुलाई को प्रस्तावित प्रदर्शन को लेकर आज की बैठक में व्यापक चर्चा होगी। ड्राइवरों ने प्रशासन से अपील की है कि वे उनकी बात को गंभीरता से सुनें और जल्द से जल्द उचित कार्रवाई करें अन्यथा वे सड़कों पर आने के लिए मजबूर होंगे। चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से अभी तक इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।
कैब ड्राइवरों का यह आंदोलन ट्राइसिटी में परिवहन क्षेत्र की गंभीर समस्याओं को उजागर करता है। यदि प्रशासन समय रहते समाधान नहीं निकालता है तो आने वाले दिनों में परिवहन सेवाओं पर इसका असर पड़ेगा। इसलिए सभी संबंधित पक्षों को सहयोग करते हुए समस्या का स्थाई समाधान निकालना जरूरी है।
