करूर, तमिलनाडु। आगामी विधानसभा चुनाव के दौरान करूर में हुए भीषण स्टैम्पीड की घटना ने पूरे क्षेत्र को हिलाकर रख दिया है। इस दुखद घटना के बाद विजय ने एक सार्वजनिक सभा में करूर स्टैम्पीड के शिकार हुए लोगों के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं और शोक सभा आयोजित करने की घोषणा की। उन्होंने पुलिस विभाग पर कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि उन्हें भीड़ के बारे में समय रहते सूचित किया गया होता तो यह हादसा टाला जा सकता था।
27 सितंबर 2025 को वेलुसामीपुरम में विजय के चुनाव प्रचार के दौरान बड़ी संख्या में लोग एकत्रित हुए थे, लेकिन पुलिस ने इस भीड़भाड़ की सूचना विजय तक नहीं पहुंचाई। इस अनुपस्थिति के कारण सुरक्षा के प्रभावी उपाय नहीं किए जा सके और परिणामस्वरूप करूर में बड़ा स्टैम्पीड हुआ जिसमें कई लोग घायल और मारे गए।
विजय ने अपने भाषण में कहा, “यदि पुलिस ने मुझे तुरंत सूचित किया होता, तो हम भीड़ प्रबंधन के बेहतर इंतजाम कर सकते थे और इस त्रासदी से बचा जा सकता था।” उन्होंने प्रशासन से अपील की कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो और सभी सुरक्षा प्रोटोकॉल का कड़ाई से पालन किया जाए।
स्थानीय निवासियों ने भी इस बात पर चिंता व्यक्त की है कि प्रशासन तथा पुलिस विभाग की लापरवाही से जनहानि हुई है। कई परिवार अभी भी अपने खोए हुए सदस्यों के लिए न्याय की मांग कर रहे हैं। सामाजिक कार्यकर्ता और राजनेता भी इस मामले पर सवाल उठा रहे हैं और जांच की मांग कर रहे हैं।
विजय ने संकेत दिया है कि वह मृतकों के परिवारों के लिए वित्तीय सहायता और चिकित्सा सुविधा प्रदान करने की योजना बना रहे हैं। इसके साथ ही, उन्होंने शोक सभा के माध्यम से समुदाय को एकजुट करने और पीड़ितों के प्रति सम्मान प्रकट करने का आह्वान किया है।
यह घटना करूर के इतिहास में एक काली घड़ी के रूप में दर्ज हो गई है, जिसने चुनावी मौसम में सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि भीड़ प्रबंधन में सुधार और पुलिस-राजनेता के बीच बेहतर संवाद से भविष्य में ऐसी अनहोनी से बचा जा सकता है।
सरकार ने भी इस दुखद घटना की गंभीरता को स्वीकार करते हुए जांच का आदेश दिया है और सुरक्षा मानकों को सख्त करने का आश्वासन दिया है। जनता की निगाहें अब प्रशासन और पुलिस विभाग की कार्रवाई पर टिकी हैं, ताकि न्याय सुनिश्चित हो सके और पुनरावृत्ति से बचा जा सके।
