Bengaluru, Karnataka
प्रसिद्ध संगीतकार और पद्म भूषण पुरस्कार से सम्मानित सुधा रागुनाथन आगामी नाद संभार्मा उत्सव के छठे संस्करण में अपनी प्रस्तुति देने जा रही हैं। सुधा रागुनाथन भारतीय शास्त्रीय संगीत की दुनिया में एक अत्यंत प्रभावशाली नाम हैं, जिन्हें उनकी मधुर और भावपूर्ण गायकी के लिए जाना जाता है।
एक विशेष साक्षात्कार में सुधा रागुनाथन ने बताया कि इस वर्ष के आयोजन में दर्शकों को क्या-क्या सुनने को मिलेगा। उन्होंने कहा, “इस कॉन्सर्ट में मैं अपने श्रोताओं को शुद्ध कर्नाटक संगीत की अनमोल धुनों से रूबरू कराएंगी। मेरा प्रयास रहेगा कि संगीत के माध्यम से हर दिल तक किसी न किसी भाव की छुआन पहुंचाई जाए।”
सुधा रागुनाथन ने यह भी बताया कि इस बार की प्रस्तुति में पारंपरिक रागों के साथ कुछ नई रचनाएँ भी शामिल होंगी, जो निश्चित ही संगीत प्रेमियों को मंत्रमुग्ध कर देंगी। उन्होंने कहा कि एक कलाकार के रूप में उन्हें हमेशा नयापन और मौलिकता लाने में विश्वास है, इसलिए यह कार्यक्रम पहले से भी अधिक रोमांचक साबित होगा।
जानकार बताते हैं कि नाद संभार्मा का यह समारोह हर साल संगीत के प्रति समर्पित लोगों के लिए एक सांस्कृतिक पर्व की तरह होता है, जहां देश-विदेश के प्रमुख संगीतज्ञ अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन करते हैं। हाल ही में सुधा रागुनाथन की संगीत यात्रा और उनके योगदान को देखते हुए उन्हें संगीत जगत में अत्यधिक सम्मान प्राप्त है।
इस अवसर पर आयोजकों ने कहा कि सुधा रागुनाथन का संगीत न केवल श्रोता के कानों को बल्कि उनके मन को भी आनंद से भर देता है। उनका यह कहना भी काफी प्रेरणादायक है कि संगीत मानव जीवन का एक अभिन्न हिस्सा है, जो हमें मानसिक शांति और स्वस्थ सामाजिक संबंधों की ओर ले जाता है।
नाद संभार्मा 2024 का आयोजन इस वर्ष मई में Bengaluru के प्रमुख सांस्कृतिक केंद्र में होगा। आयोजकों ने सभी संगीत प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे इस अनूठे अवसर का लाभ उठाएं और सुधा रागुनाथन के साथ इस सांगीतिक यात्रा का हिस्सा बनें।
सुधा रागुनाथन की प्रस्तुतियों की लोकप्रियता को देखते हुए टिकट बिक्री पहले ही शुरू हो चुकी है, और यह सुनिश्चित किया गया है कि आयोजन पूरी तरह से सुविधाजनक और सुरक्षित माहौल में हो।
इस सांगीतिक उत्सव से न केवल स्थानीय दर्शक बल्कि दूर-दराज के श्रोता भी एक सांस्कृतिक अनुभव पाने के लिए उत्सुक हैं। सुधा रागुनाथन ने अंत में यह कहकर अपनी बात समाप्त की कि संगीत में जो शक्ति है, वह सभी के जीवन को सकारात्मक दिशा देने में सक्षम है।
