हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश, कुल्लू में भूस्खलन का खतरा बढ़ा, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा का दौरा रद्द

कुल्लू, हिमाचल प्रदेश। हिमाचल प्रदेश के कुल्लू समेत कई इलाकों में भारी बारिश लगातार जारी है, जिससे स्थानीय लोगों की परेशानियाँ बढ़ गई हैं। बारिश के कारण भूस्खलन और अचानक बाढ़ का खतरा प्रबल हो गया है। कुल्लू, शिमला और आसपास के क्षेत्रों में सरकारी एवं प्रशासनिक एजेंसियां सतर्क हैं, मगर लोगों को सतर्क रहने की जरूरत है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का स्फीति दौरा भी रद्द कर दिया गया है।

कुल्लू शहर में भारी वर्षा ने स्थानीय सीवरेज और जल निकासी व्यवस्थाओं की कमज़ोरियों को उजागर कर दिया है। कई सड़कों पर पानी भर जाने से आवागमन प्रभावित हुआ है और सुरक्षा के लिहाज से जोखिम पैदा हो गया है। पिछले वर्ष की भूस्खलन घटना की तरह इस बार भी इसी तरह की घटनाओं को लेकर चिंता व्यक्त की जा रही है।

कुल्लू नगर परिषद की अध्यक्ष, आशा ठाकुर ने मीडिया से बातचीत में बताया कि वार्ड नंबर 2 में बारिश के चलते कई जगह दरारें उत्पन्न हो गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह क्षेत्र अब खतरे में है और वहां रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की जा रही है। प्रशासन ने राहत कार्य के तहत तिरपाल मंगवाकर इसे ढकने का काम शुरू कर दिया है।

आशा ठाकुर ने बताया, “हम वार्ड नंबर 2 को खतरनाक इलाका मानते हैं। सभी निवासी सुरक्षित स्थानों पर चले जाएं। अगर किसी के पास जाने की जगह नहीं है तो हमारे पास रैन बसेरा उपलब्ध हैं, जहां वे शरण ले सकते हैं।”

वार्ड संख्या 2 के पार्षद कुब्जा ठाकुर ने बताया कि बारिश के कारण कीचड़ और पत्थरों के गिरने की समस्या बनी हुई है। उन्होंने कहा कि प्रशासन ने तिरपाल लगाकर इसके नुकसान को कम करने की कोशिश की है, लेकिन यह पर्याप्त नहीं है। उन्होंने सांसद अनुराग ठाकुर से भी इस विषय पर बात की है, जिन्होंने कई कार्यों की जानकारी दी, परन्तु समय लगने की बात कही।

वहीं, स्फीति में 11 जुलाई को होने वाला केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा का दौरा भारी बारिश और सड़कों के खराब होने की वजह से स्थगित कर दिया गया है। भाजपा नेता रवि ठाकुर ने बताया कि आईसीएमआर के उच्च-ऊंचाई चिकित्सा एवं सार्वजनिक स्वास्थ्य अनुसंधान केंद्र की नींव समारोह अब सितंबर से पहले आयोजित करने की संभावना है।

प्रशासनिक अधिकारियों ने स्थानीय जनता से सावधानी बरतने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी है। मौसम विभाग ने भी भारी बारिश एवं भूस्खलन संबंधी चेतावनी जारी की है। लोगों से आग्रह किया गया है कि वे अपने आस-पास की खबरों पर गौर करें और सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट हों।

मौसम के सटीक पूर्वानुमान और प्रशासन की सक्रियता के कारण संभावित जानमाल के नुकसान को कम करने का प्रयास चल रहा है। मौसम में सुधार के बाद ही स्वास्थ्य मंत्री का दौरा पुनः निर्धारित किया जाएगा।

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