कोलकाता, पश्चिम बंगाल। तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के महासचिव और सांसद अभिषेक बनर्जी को प्राइमरी स्कूलों में भर्ती घपले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने आज समन भेजकर पूछताछ के लिए बुलाया। अधिकारियों ने बताया कि यह पूछताछ कथित धनशोधन की जांच के सिलसिले में की जा रही है।
घटना की पृष्ठभूमि में, पश्चिम बंगाल के कई जिलों में सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक नियुक्ति घोटाले की शिकायतें आई थीं, जिसमें पद खरीद-फरोख्त और भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगे हैं। वित्तीय अनियमितताओं और ट्रांसफर ऑफ फंड की छानबीन के लिए ED ने इस मामले को गंभीरता से लिया है।
सूत्रों के अनुसार, अभिषेक बनर्जी से खासतौर पर आरोपियों के धन स्रोत और उनके ट्रैकिंग के बारे में सवाल किए गए। अधिकारियों ने कहा कि जनहित और न्याय देने के उद्देश्य से जांच निष्पक्ष तरीके से आगे बढ़ेगी। टीएमसी ने इस मामले में पक्ष लेने से बचते हुए कहा कि पार्टी जांच में सहयोग कर रही है और किसी भी गलत गतिविधि की सहमति नहीं देती।
पिछले कुछ महीनों से बंगाल में उच्चतम न्यायालय के आदेश के बाद सरकारी नौकरियों में नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। शिक्षा विभाग ने भी कर्मचारियों की भर्ती में पारदर्शिता लाने के लिए कई कदम उठाए हैं।
विश्लेषकों का मानना है कि इस घोटाले की गहराई को देखते हुए अभिषेक बनर्जी की भूमिका पर पड़ताल जारी रहेगी। इससे पश्चिम बंगाल की राजनीति में भी हलचल बनी हुई है क्योंकि टीएमसी इस राज्य में प्रमुख राजनीतिक दल है।
अधिकारियों ने बताया कि इस मामले में कई अन्य उच्च पदस्थ अधिकारियों और स्थानीय नेताओं को भी पूछताछ के लिए बुलाया जा सकता है। जांच में वित्तीय करेंसी ट्रेल, बैंक लेनदेन और नियुक्ति प्रक्रिया की सुगमता पर विशेष ध्यान दे रखा गया है।
इस केस की जांच की प्रगति पर मीडिया और जनता की नजर बनी हुई है, जिससे सरकार और संबंधित विभागों को जवाबदेह बनाना भी आवश्यक हो गया है। अधिकारियों ने आश्वासन दिया है कि जांच निष्पक्ष, पारदर्शी और समयबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी।
