भारत में टी20 मैचों के लिए टीवी व्यूअरशिप बढ़ाने हेतु ECB ने मुमकिन किया शुरु होने का समय

लंदन, इंग्लैंड – इंग्लैंड और वेल्स क्रिकेट बोर्ड (ECB) ने भारत में होने वाले तीन टी20 अंतरराष्ट्रीय मैचों के लिए मैचों के शुरू होने के समय को पूर्व निर्धारित समय से एक घंटे पहले कर दिया है। इस फैसले का मकसद टीवी दर्शकों की संख्या को अधिक से अधिक बनाना है ताकि भारतीय क्रिकेट प्रेमियों को सीधे लाइव मैच देखने का बेहतर अवसर मिल सके।

तीन फ्लडलाइट वाले मुकाबले अब ब्रिटिश समर टाइम (BST) के अनुसार शाम 5:30 बजे यानि भारतीय मानक समय (IST) के अनुसार रात 10 बजे शुरू होंगे, जो पहले 6:30 बजे BST यानी 11 बजे IST तय किए गए थे। इस परिवर्तन से भारत में अधिक लोग घर पर होने वाले पहले खेल को आराम से देख सकेंगे।

ECB की ओर से यह बदलाव खासतौर पर भारतीय दर्शकों के लिए टीवी व्यूअरशिप बढ़ाने की रणनीति का हिस्सा बताया गया है। भारतीय क्रिकेट के प्रति गहरा लगाव और आकर्षण को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है ताकि वे मैच को अपनी सुविधानुसार देख सकें, खासकर उन दर्शकों के लिए जो कामकाजी होते हैं और देर रात तक मैच देखना कठिन होता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस प्रकार के कप तक समय में बदलाव न केवल भारतीय दर्शकों की संख्या में वृद्धि करेगा, बल्कि विज्ञापनदाताओं और मीडिया पार्टनर्स के लिए भी अधिक फायदे लेकर आएगा। क्रिकेट मेले के दौरान दर्शक संख्या का बढ़ना आर्थिक रूप से भी मैच आयोजकों के लिए लाभकारी होगा।

इससे पहले भारतीय टी20 मैचों के लिए मैचों का समय अक्सर भारतीय दर्शकों के लिए उपयुक्त नहीं होता था, जिससे लाइव मैच देखने वालों की संख्या कम हो जाती थी। ECB का यह कदम क्रिकेट के ग्लोबल दीवाने भारत के लिए एक स्वागत योग्य पहल माना जा रहा है।

इंग्लैंड टीम के खिलाफ भारत के आगामी टी20 मुकाबले दर्शकों में पहले से ही उत्साह बढ़ा रहे हैं, और समय में इस बदलाव के साथ उम्मीद है कि और भी अधिक दर्शक मैदान के रोमांच का अनुभव अपनी स्क्रीन पर होम कंफर्ट में कर सकेंगे।

ECB के एक अधिकारी ने बताया कि प्रतियोगिताओं का समय बदलाव सिर्फ टीवी व्यूअरशिप को बेहतर बनाने के लिए किया गया है और खिलाड़ियों के प्रदर्शन या मैच की गुणवत्ता पर इसका कोई असर नहीं पड़ेगा। वह इस बात पर भी जोर दिया कि भारतीय प्रशंसकों के सुझावों और उनकी सुविधा को ध्यान में रखकर यह निर्णय लिया गया है।

व्यापक तौर पर देखा जाए तो यह कदम एक सकारात्मक पहल के रूप में सामने आ रहा है जो विश्व क्रिकेट में तेजी से बदलती प्रेक्षक आवश्यकताओं के अनुसार है। इससे भारत और इंग्लैंड के बीच क्रिकेट संबंध और मजबूत होंगे और आने वाले मैच और भी अधिक रोमांचक बनेंगे।

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