चंडीगढ़, पंजाब
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को स्पष्ट किया कि पंजाब भाजपा के वर्तमान अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों हमेशा से पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ नेता कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे, लेकिन अब दोनों नेताओं के बीच दूरी बढ़ती नजर आ रही है। मुख्यमंत्री मान ने मीडिया से बातचीत में कहा कि इस बदलाव का कारण केवल केवल सिंह ढिल्लों को ही पता है।
उन्होंने कहा, “केवल सिंह ढिल्लों और कैप्टन अमरिंदर सिंह के संबंधों में जो बदलाव आया है, वह कोई सामान्य बात नहीं है; दोनों नेताओं के रास्ते अब अलग-अलग दिशा में बढ़ रहे हैं।” मुख्यमंत्री ने यह भी उल्लेख किया कि हर राजनीतिक बदलाव के पीछे कुछ रहस्य होते हैं, जो केवल उस क्षेत्र से जुड़े लोग ही समझ पाते हैं।
यह बयान मुख्यमंत्री भगवंत मान ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के एक बयान के संदर्भ में दिया, जिसमें अमरिंदर ने कहा था कि वे केवल सिंह ढिल्लों को पंजाब भाजपा अध्यक्ष नियुक्त किए जाने के फैसले में शामिल नहीं थे और उन्होंने खुद को केंद्र की पार्टी के नेतृत्व की इस निर्णय प्रक्रिया से अलग रखा था।
भगवंत मान ने कहा कि क्रिकेट के मैदान की तरह राजनीति में भी समर्थन और विरोध स्वाभाविक है। उन्होंने याद दिलाया कि कैप्टन अमरिंदर सिंह ने ढिल्लों का सहारा तब दिया था जब उन्होंने 2019 के लोकसभा चुनाव में संगरूर से उम्मीदवार के रूप में भाग लिया था। उस समय दोनों के बीच गहरा भरोसा और सहयोग था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि पंजाब में राजनीतिक समीकरण तेजी से बदल रहे हैं। उन्होंने बताया कि हाल के चुनावों में निर्दलीय उम्मीदवारों ने भाजपा से बेहतर प्रदर्शन किया है। जनता ने स्पष्ट रूप से भाजपा को पांचवें नंबर पर रखा है, जो पार्टी के लिए चिंता का विषय है। इसका अर्थ है कि जनता ने भाजपा के नकारात्मक एजेंडे को अस्वीकृति दी है।
आगामी विधानसभा चुनावों को लेकर भावी राजनीतिक परिदृश्य पर बोलते हुए मान ने विश्वास जताया कि कांग्रेस, अकाली दल और भाजपा तीसरे, चौथे स्थान के लिए संघर्ष करेंगे, जबकि आम आदमी पार्टी (आप) जनता के समर्थन के साथ स्पष्ट बहुमत से सरकार बनाएगी।
भगवंत मान ने विपक्ष पर करारी हार के बाद लड़खड़ाने का आरोप लगाते हुए कहा, “नगर निगम चुनाव कांग्रेस और अकाली दल सहित विपक्षी पार्टियों के लिए करारी हार साबित हुए हैं। वे अब इन चुनावों के परिणामों पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि ये चुनाव Punjab के इतिहास में सबसे शांतिपूर्ण, स्वतंत्र और पारदर्शी रहे।”
मुख्यमंत्री ने सरकार के कर्मचारियों की भी प्रशंसा की, जिन्होंने चुनावों के सुचारू संचालन के लिए पूरी ईमानदारी से काम किया। उन्होंने विपक्ष को चेतावनी दी कि हार को स्वीकार करना ही लोकतंत्र की फितरत है, उसे जता कर विपक्ष जनता की भावना का सम्मान करे।
इस प्रकार, पंजाब के राजनीतिक परिदृश्य में भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों और पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के बीच संबंधों में आई दूरी ने राज्य की राजनीति में नई बहस को जन्म दिया है। आने वाले चुनाव में इस बदलाव का क्या असर पड़ेगा, यह समय बताएगा।
