तरुण चुघ ने पीएम मोदी का संदेश दोहराया, कहा- पंजाब की असली पहचान लस्सी है, नशा नहीं

अमृतसर, पंजाब। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रेडियो कार्यक्रम ‘मन की बात’ के 134वें एपिसोड के बाद पंजाब से लेकर महाराष्ट्र तक राजनीतिक प्रतिक्रिया देखने को मिली। भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ ने खास तौर से पंजाब की खाद्य-संस्कृति को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। उन्होंने कहा कि पंजाब की असली पहचान नशे से नहीं, बल्कि पारंपरिक और पोषक तत्वों से भरपूर दूध, दही, घी और लस्सी जैसी वस्तुओं से है। यह बयान उन्होंने अपने हजारों कार्यकर्ताओं के साथ प्रधानमंत्री की ‘मन की बात’ सुनने के बाद दिया।

तरुण चुघ ने अमृतसर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान बताया कि पंजाब के गांवों और शहरों में भाजपा का यह अभियान तेजी से जारी है, जिसका उद्देश्य युवाओं को नशे से दूर रखना और उन्हें एक स्वस्थ जीवनशैली अपनाने के लिए प्रोत्साहित करना है। वे कहते हैं कि नशा जीवन की गुणवत्ता को खराब करता है, जबकि पारंपरिक आहार और सकारात्मक सोच से बेहतर भविष्य की राह बनती है।

चुघ ने जोर देते हुए कहा कि यह मुहिम प्रदेश के कई प्रसिद्ध खिलाड़ियों, कलाकारों और अन्य जानी-मानी हस्तियों के समर्थन से चल रही है। सभी मिलकर पंजाब के युवाओं को दूर-दूर तक यह संदेश दे रहे हैं कि पंजाब की असली पहचान उसकी समृद्ध सांस्कृतिक विरासत और पोषण से भरपूर खाद्य पदार्थ हैं, न कि नशा।

वहीं, प्रधानमंत्री मोदी के ‘मन की बात’ में महाराष्ट्र के हापुस आम की सराहना पर शिवसेना के प्रवक्ता राजू वाघमारे ने खुशी जाहिर की। उन्होंने कहा कि यह न केवल महाराष्ट्र बल्कि पूरे देश के किसानों के लिए गर्व की बात है कि प्रधानमंत्री ने महाराष्ट्र के इस विशेष आम का जिक्र किया।

राजू वाघमारे ने बताया कि हापुस आम को फलों का राजा कहा जाता है और कोकण क्षेत्र के किसान वर्षों की मेहनत से इस आम की खेती करते हैं। यह आम केवल देश में ही नहीं बल्कि विश्व के कई हिस्सों में निर्यात किया जाता है। प्रधानमंत्री मोदी द्वारा इस आम की प्रशंसा से किसानों का मनोबल बढ़ा है और महाराष्ट्र की शान भी बढ़ी है।

उन्होंने प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ‘मन की बात’ के माध्यम से यह फल एक बार फिर से पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। यह न सिर्फ किसानों बल्कि पूरे महाराष्ट्र के लिए गर्व का विषय है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के स्थानीय उत्पादों को राष्ट्रीय मंच पर लाना किसानों और किसानों की मेहनत का सम्मान है, जो आर्थिक रूप से उन्हें मजबूत करता है।

इस प्रकार, प्रधानमंत्री मोदी के संदेशों को विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं द्वारा समर्थन मिल रहा है, जो अपने-अपने क्षेत्रों की सकारात्मक पहचान को बढ़ावा देने में लगे हैं। पंजाब और महाराष्ट्र दोनों राज्यों से यह स्पष्ट हो रहा है कि वे अपने सांस्कृतिक और कृषि उत्पादों को नशे और अन्य नकारात्मक तत्वों से अलग दिखाने के लिए प्रयासरत हैं।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव तरुण चुघ की यह पहल और प्रधानमंत्री मोदी के कार्यक्रम को लेकर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं इस बात का संकेत हैं कि प्रदेशों की स्थानीय विशिष्टताओं को राष्ट्रीय स्वरूप में पहचान मिलने लगी है, जिससे जनता का आत्मविश्वास और क्षेत्रीय गौरव बढ़ रहा है।

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