जीवंत पंजाब या डरा हुआ पंजाब: पुलिसकर्मियों पर हमलों को लेकर आम आदमी पार्टी पर भाजपा का जोरदार हमला

चंडीगढ़, पंजाब। भाजपा ने पंजाब की आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर राज्य की कानून-व्यवस्था को लेकर तीखा हमला किया है। पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता आरपी सिंह ने विशेष रूप से पुलिसकर्मियों पर हुए हमलों का जिक्र करते हुए सरकार की नीतियों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि हाल ही में पुलिसकर्मियों को सुरक्षा के लिए जो एडवाइजरी जारी की गई है, वह पंजाब की बिगड़ती कानून व्यवस्था का प्रतीक है।

आरपी सिंह ने ट्विटर पर कहा कि पंजाब में पुलिसकर्मियों को अकेले यात्रा न करने, सार्वजनिक स्थानों पर वर्दी न पहनने और दोपहिया वाहन न चलाने की सलाह दी गई है। यह एडवाइजरी उन हालात की ओर इशारा करती है जहां पुलिसकर्मियों का मनोबल गिर रहा है और उनकी सुरक्षा को गंभीर खतरा है। उनके अनुसार, पंजाब एक जीवंत राज्य होने के बजाय अब एक डरा हुआ राज्य बनता जा रहा है।

उन्होंने अक्टूबर में एएसआई जोगा सिंह की नृशंस हत्या तथा गुरदासपुर में दो पुलिस जवानों की हत्याओं का जिक्र करते हुए कहा कि यह घटनाएं बढ़ती गैंग हिंसा, आतंकवाद और अपराध की बढ़ती घटनाओं का नतीजा हैं। उन्होंने आम आदमी पार्टी की सरकार को निशाना बनाते हुए कहा कि सरकार ने बदलाव का वादा किया था, लेकिन अब Punjab भय, असुरक्षा और अपराध के जाल में फंसा हुआ नजर आता है।

भाजपा प्रवक्ता ने कहा, “जब पुलिसकर्मी जो समाज की रक्षा का जिम्मा उठाते हैं, वे खुद ही सुरक्षा को लेकर डर के साये में जी रहे होंगे, तो आम नागरिक की सुरक्षा की कल्पना कैसे की जा सकती है।” उन्होंने आगे कहा कि सरकार को अपराधी नेटवर्क के विरुद्ध सख्त कदम उठाने होंगे और पुलिस बल की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।

सिंह का कहना है कि पुलिस की सुरक्षा सीधे-सीधे हर नागरिक की सुरक्षा से जुड़ी है। उन्होंने इस मुद्दे पर राज्य सरकार से तत्काल प्रभाव से सुधारात्मक कदम उठाने की मांग की, ताकि पंजाब को एक सुरक्षित और आनंदित प्रदेश बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि एक मजबूत नेतृत्व का अभाव राज्य में कानून-व्यवस्था को बुरी तरह प्रभावित कर रहा है।

भाजपा की ओर से यह बयान ऐसे वक्त आया है जब पंजाब पुलिस ने खुद अपने कर्मचारियों को सुरक्षा संबंधी कई एडवाइजरी जारी की हैं, जो यह संकेत देती हैं कि हालात गंभीर हैं और पुलिस की सुरक्षा गंभीरता से सुनिश्चित करनी आवश्यक है।

राजनीतिक विश्लेषक इस विवाद को पंजाब की आगामी सुरक्षा चुनौतियों और सरकार के संभावित कदमों के संदर्भ में देख रहे हैं। वहीं आम जनता पुलिस कर्मियों की सुरक्षा को लेकर चिंतित है और अपने सुरक्षा तंत्र से बेहतर जवाब की उम्मीद कर रही है।

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