चंडीगढ़/जयपुर। लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और आरएसएस को लेकर दिए गए विवादित बयानों के बाद राजनीतिक हलचल तेज हो गई है। भाजपा के कई वरिष्ठ नेताओं ने राहुल गांधी के बयानों की कड़ी निंदा की है और उनसे माफी मांगने की मांग उठाई है।
हरियाणा सरकार के मंत्री अनिल विज ने राहुल गांधी के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व गृह मंत्री अमित शाह देश के सच्चे सेवक हैं, जो दिन-रात मेहनत कर देश को प्रगति के मार्ग पर ले जा रहे हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि जब कांग्रेस की सरकार सत्ता में थी तब भारत की अर्थव्यवस्था 14वें नंबर पर थी, लेकिन आज देश तीसरे पायदान पर है, यह भाजपा सरकार की कड़ी मेहनत का परिणाम है।
अनिल विज ने कहा कि देश के प्रत्येक क्षेत्र में भाजपा के नेतृत्व में निरंतर विकास हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि राहुल गांधी को जनता के फैसले को स्वीकार करना चाहिए क्योंकि जनता ने लगभग 95 चुनावों में कांग्रेस को हराया है, जबकि भाजपा को जन समर्थन प्राप्त है, जिसके कारण अब भाजपा 22 से अधिक राज्यों में शासन कर रही है।
प्रधानमंत्री मोदी के विदेश दौरे पर सवाल उठाने पर अनिल विज ने कहा कि प्रधानमंत्री जहाँ भी होते हैं, वहीं से देश की देखरेख करते हैं। विदेश यात्रा से पहले सबको सूचित कर देना उनके पारिवारिक रवैये जैसा है। उन्होंने राहुल गांधी को उद्धृत करते हुए कहा कि विदेश यात्रा कम करने की अपील राहुल गांधी को इसीलिए आपत्ति हुई क्योंकि वे खुद सबसे ज्यादा विदेश यात्रा करते हैं। पीएम मोदी के इटली जाने पर भी अनिल विज ने कहा कि हमारी विदेश नीति सकारात्मक और सभी देशों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखने वाली है, जो देश के हित में है।
वहीं राजस्थान भाजपा के अध्यक्ष मदन राठौड़ ने कहा कि कांग्रेस की हताशा चरम पर है और यह देशविरोधी सोच का परिचायक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने देश को समृद्ध बनाने के लिए अथक प्रयास किए हैं और विकास के क्षेत्र में कहीं कोई कमी नहीं छोड़ी। उन्होंने राहुल गांधी की आलोचना की कि कांग्रेस के पास कोई नए मुद्दे नहीं हैं और उनकी आलोचनाएं मात्र विरोधाभासी और निर्मम हैं। मदन राठौड़ ने यह भी कहा कि देश की पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी ने इस प्रकार की भाषा का कभी उपयोग नहीं किया, इसलिए ऐसे आपत्तिजनक बयानों को अस्वीकार किया जाना चाहिए तथा ऐसे नेताओं का बहिष्कार करना चाहिए।
इस विरोध के बाद राजनीतिक पारा इतनी तेजी से बढ़ा कि यह मामला पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है। भाजपा नेताओं ने एकजुट होकर राहुल गांधी के बयान की कड़ी निंदा की है और उनसे देश हित में माफी मांगने की अपील की है। दूसरी ओर कांग्रेस ने अभी तक कोई औपचारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषकों का कहना है कि यह बयान आगामी चुनावों में सियासत को और ज्यादा गर्माएगा।
