चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने शनिवार को केंद्र सरकार द्वारा ईंधन की बढ़ती कीमतों पर कड़ी निंदा की। मान ने कहा कि चुनाव खत्म होते ही जनता पर वापस भारी आर्थिक बोझ थोप दिया गया है, जबकि सत्ता में बैठे नेता अक्सर लोगों को खर्च कम करने की सलाह देते रहते हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि पूरे देश में महंगाई चरम पर है और खासकर ईंधन की बढ़ती कीमतों ने आम जनता की जेब कमजोर कर दी है। इससे परिवहन लागत बढ़ने से रोजमर्रा के सामान महंगे हो गए हैं, जिससे परिवारों के लिए जीवन यापन कठिन होता जा रहा है।
उन्होंने केंद्र सरकार की प्रवृत्ति पर सवाल उठाते हुए कहा कि जहां आम आदमी राहत पाने की उम्मीद करता है, वहीं सरकार सिर्फ बचत का उपदेश देती है। उन्होंने कहा, “प्रधानमंत्री देश के लोगों को खर्च कम करने की बातें करते हुए विदेश यात्रा पर निकले रहते हैं।”
मान ने कहा कि जनता को अक्सर कहा जाता है कि अनावश्यक यात्रा न करें और घर पर रहें, लेकिन वहीं प्रधानमंत्री लगातार विदेश दौरों पर जाकर सरकार का बजट खपत करते हैं। इस विरोधाभास को वह देश की जनता के साथ अन्याय बताते हैं।
साथ ही मुख्यमंत्री ने उस संदर्भ में सवाल उठाया कि क्या प्रधानमंत्री खुद ‘वर्क फ्रॉम होम’ के विकल्प पर विचार कर सकते हैं ताकि जनता को खर्चों के लिए प्रेरित न करना पड़े।
मान ने विश्वव्यापी आर्थिक अस्थिरता और युद्ध के प्रभाव का उल्लेख करते हुए कहा कि जबकि दुनिया के कई देश अपने नागरिकों की आर्थिक सुरक्षा के लिए प्रयासरत हैं, यहाँ सरकार केवल बचत का उपदेश दे रही है। उन्होंने कहा, “देश के किसानों, छोटे कारोबारियों और परिवारों के लिए व्यावहारिक राहत योजनाओं की सख्त जरूरत है।”
अंत में मुख्यमंत्री ने कहा कि केवल थाली बजाना या प्रतीकात्मक इशारों से कुछ नहीं होगा, बल्कि जरूरी है कि केंद्र सरकार मुद्रास्फीति को नियंत्रित करने और जनता के खर्च को घटाने के लिए ठोस कदम उठाए। वे पलटवार करते हुए कहते हैं, “हमें सिर्फ उपदेश नहीं, कामयाब समाधान चाहिए।”
