बैंक घोटाले पर CBI का बड़ा ऑपरेशन! चंडीगढ़-पंचकुला के 7 ठिकानों पर छापेमारी

चंडीगढ़, हरियाणा। सीबीआई ने आईडीएफसी फर्स्ट बैंक और एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक घोटाले के संबंध में गुरुवार को चंडीगढ़ और पंचकुला के सात प्रमुख स्थानों पर छापेमारी की। यह कार्रवाई बैंकिंग धोखाधड़ी में जुड़े धनराशि के स्रोतों और लाभार्थियों को पकड़ने के लिए की गई। इस कार्रवाई की पुष्टि सीबीआई ने एक आधिकारिक बयान में शुक्रवार को की।

सीबीआई की छापेमारी में आवासीय और वाणिज्यिक परिसरों, ज्वेलर्स शोरूम और सरकारी धन के गबन के संदिग्ध लाभार्थियों के परिसरों को निशाना बनाया गया। इसके अलावा, जांच से जुड़े निजी संस्थानों के कार्यालयों पर भी छापेमारी हुई।

तलाशी के दौरान कई महत्वपूर्ण दस्तावेज, वित्तीय रिकॉर्ड, और डिजिटल साधनों को जब्त किया गया। ये सारे सामग्री धोखाधड़ी और गबन से जुड़े सबूत के तौर पर इस्तेमाल किए जाएंगे। अभी तक इस मामले में 16 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जिनके खिलाफ आगे की जांच जारी है।

सीबीआई ने बयान में कहा, “जांच को तेज करने के लिए कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं, जिनपर काम किया जा रहा है। हम जल्द से जल्द इस मामले की व्यापक और निष्पक्ष जांच के लिए प्रतिबद्ध हैं।”

यह मामला हरियाणा सरकार ने सतर्कता एवं भ्रष्टाचार विरोधी ब्यूरो की जांच के बाद सीबीआई को सौंपा था। आरोप है कि बैंक अधिकारियों और सरकारी विभागों के कर्मचारियों ने मिलकर सरकारी धन का गबन किया। इस घोटाले की शुरुआत इस साल फरवरी में तब हुई जब विकास और पंचायत विभाग के एक अधिकारी ने अपना खाता बंद कराने के दौरान भारी अनियमितता पाई।

आईडीएफसी फर्स्ट बैंक ने कहा है कि उसने संबंधित सरकारी विभागों को लगभग 557 करोड़ रुपए लौटाए हैं, पर जांच अभी भी जारी है। वहीं, प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने भी समानांतर जांच शुरू कर रखी है।

चंडीगढ़ और पंचकुला में हुए ये छापेमारी इस घोटाले की जांच में एक महत्वपूर्ण कदम माने जा रहे हैं। उम्मीद है कि जल्द ही इस पूरे मामले की तह तक पहुंच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

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