2025 में 78 मिलियन नई नौकरियां बनने की संभावना: वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम रिपोर्ट

नई दिल्ली, भारत

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम द्वारा हाल ही में जारी की गई एक रिपोर्ट में 2025 तक विश्व स्तर पर 78 मिलियन नई नौकरियां उत्पन्न होने की संभावना जताई गई है। यह रिपोर्ट वैश्विक आर्थिक परिदृश्य में तेजी से हो रहे बदलावों और तकनीकी प्रगति के प्रभावों पर आधारित है।

रिपोर्ट के अनुसार, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, क्लाउड कंप्यूटिंग, डेटा एनालिटिक्स, और हरित ऊर्जा जैसे क्षेत्रों में रोजगार के नए अवसर बढ़ेंगे। खासतौर पर, डिजिटल और तकनीकी कौशल वाले पेशेवरों की मांग में इजाफा होगा। वहीं मानव संसाधनों के प्रबंधन, स्वास्थ्य सेवा, और शिक्षा क्षेत्रों में भी संवृद्धि देखने को मिलेगी।

यह भी बताया गया है कि कुछ पारंपरिक नौकरियां कम हो सकती हैं, लेकिन नई तकनीकों के माध्यम से नए रोजगार उत्पन्न होंगे जो वैश्विक अर्थव्यवस्था को और अधिक स्थिर और विविधतापूर्ण बनाएंगे। रिपोर्ट में यह भी उल्लेख है कि युवाओं के लिए कौशल प्रशिक्षण और पुनःकुशलता पर विशेष ध्यान देना होगा ताकि वे इस बदलते रोजगार परिदृश्य में प्रतिस्पर्धी बने रह सकें।

वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम के उपाध्यक्ष ने कहा, “यह समय है कि सरकारें, उद्योग और शिक्षा संस्थान मिलकर इस संक्रमण काल को सफल बनाने के लिए आवश्यक कदम उठाएं। इसमें डिजिटल प्रशिक्षण, जीवन भर शिक्षा और रोजगार अनुकूल नीतियां शामिल हैं।” उन्होंने आशा जताई कि इन नई नौकरियों के माध्यम से आर्थिक उन्नति और सामाजिक समावेशन को भी बढ़ावा मिलेगा।

विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक बाजार में इस तरह के रोजगार सृजन से गरीबी उन्मूलन और जीवन स्तर को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी। साथ ही यह युवाओं के लिए आशा की किरण के तौर पर काम करेगा, जो रोजगार के लिए अधिक अवसर चाहते हैं।

इस रिपोर्ट के प्रकाशन से यह स्पष्ट होता है कि आने वाले वर्षों में रोजगार के क्षेत्र में बड़ा बदलाव आएगा, जिसमें नई तकनीकों और नवाचारों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। सरकारों और नीति निर्माताओं के लिए यह जरूरी होगा कि वे शिक्षा और कौशल विकास के क्षेत्र में निवेश बढ़ाएं ताकि देश और समाज इस अवसर का पूरा लाभ उठा सके।

Source

error: Content is protected !!