चंडीगढ़। पंजाब बोर्ड की 12वीं कक्षा की इंटरमीडिएट परीक्षा के शानदार नतीजों के बाद राज्य के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने गुरुवार को 12वीं कक्षा में टॉप करने वाले छात्रों से मुलाकात करने का ऐलान किया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने बुधवार को 12वीं कक्षा के परिणाम घोषित किए थे, जिनमें छात्रों ने शानदार प्रदर्शन किया है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने बुधवार को ही 10वीं कक्षा के टॉपर्स से मुलाकात की थी, वहीं अब वे 12वीं कक्षा के टॉपर्स से भी सीधा संवाद स्थापित करेंगे। यह मुलाकात चंडीगढ़ में आयोजित की जाएगी जिसमें प्रदेश के सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले छात्र-छात्राएं शामिल होंगे।
पंजाब बोर्ड की इंटरमीडिएट परीक्षा में इस बार भी छात्राओं ने पूरे प्रदेश में बेहतरीन प्रदर्शन किया है। मानसा जिले की सुपनीत कौर ने पहला स्थान हासिल किया है, जबकि लुधियाना जिले की सुहानी चौहान और दीवांशी क्रमशः दूसरा और तीसरा स्थान प्राप्त करने में सफल रहीं। यह उपलब्धि पंजाब की शैक्षिक गुणवत्ता को दर्शाती है।
मुख्यमंत्री भगवंत मान ने परिणाम घोषित होने के तुरंत बाद छात्रों को बधाई दी और कहा, “पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के नतीजों से यह साबित होता है कि हमारी बेटियां और बेटे दोनों ही शिक्षा के क्षेत्र में उच्च स्थान प्राप्त कर रहे हैं। सभी विद्यार्थियों, उनके माता-पिता और शिक्षकों को मेरी हार्दिक शुभकामनाएं। आपका यह प्रदर्शन केवल शुरुआत है। आपकी मेहनत आगामी दिनों में नए कीर्तिमान स्थापित करेगी।”
इस वर्ष पंजाब बोर्ड की 12वीं कक्षा की इंटरमीडिएट परीक्षा में कुल 91.46 प्रतिशत परीक्षार्थी सफल रहे हैं, जो पिछले साल की तुलना में 0.46 प्रतिशत अधिक है। 2024-2025 सत्र में पास प्रतिशत 91 फीसदी दर्ज किया गया था।
इस बार परीक्षा में कुल 2,65,417 छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे, जिनमें से 2,42,755 ने सफलता पाई। इसमें 1,25,695 छात्राएं और 1,39,716 छात्र थे, जिनमें क्रमशः 1,19,079 छात्राएं और 1,23,676 छात्र उत्तीर्ण हुए। लड़कियों का पास प्रतिशत 94.73 रहा जो लड़कों के 88.52 प्रतिशत से काफी अधिक है। इसके अलावा, 416 सरकारी स्कूलों ने 12वीं कक्षा में 100 प्रतिशत पास रिजल्ट हासिल किया है जो शिक्षा प्रणाली की मजबूती का परिचायक है।
प्रदेश सरकार ने उत्साहित छात्रों के लिए पुरस्कार और प्रोत्साहन योजनाओं की भी घोषणा की है ताकि छात्र शिक्षा में और बेहतर प्रदर्शन करें और राज्य का नाम उज्जवल करें। मुख्यमंत्री भगवंत मान का यह कदम शिक्षा के प्रति सरकार की गहरी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
