चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के चचेरे भाई ज्ञान सिंह मान ने सोमवार को भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का दामन थाम लिया है। इस आयोजन में हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी तथा पंजाब भाजपा के अध्यक्ष सुनील जाखड़ मौजूद रहे और उन्होंने ज्ञान सिंह मान का हार्दिक स्वागत किया।
पंजाब भाजपा के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म ‘एक्स’ पर ज्ञान सिंह मान के पार्टी में शामिल होने का वीडियो साझा किया गया है, जिसमें नायब सिंह सैनी और सुनील जाखड़ उन्हें पार्टी की सदस्यता दिलाते दिखे। इस कदम को भाजपा के लिए बड़ी सफलता माना जा रहा है क्योंकि इससे पंजाब की राजनीति में नए बदलाव के संकेत मिले हैं।
पंजाब भाजपा ने एक बयान में कहा है कि अब पंजाब की जनता विकास और मजबूत नेतृत्व की मांग कर रही है, जिसकी गारंटी भाजपा ही दे सकती है। राज्य तेजी से मिशन 2027 की ओर बढ़ रहा है और आम आदमी पार्टी की पकड़ कमजोर होती जा रही है। भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ ने कहा कि पार्टी दिन-ब-दिन मजबूत हो रही है और लोगों का भरोसा पार्टी के प्रति बढ़ता जा रहा है।
उन्होंने यह भी कहा कि आम आदमी पार्टी के अंदर विश्वास की कमी साफ दिख रही है, यह इस बात का संकेत है कि जनता अब झूठे वादों और दिखावटी राजनीति से तंग आ चुकी है। भाजपा के लिए यह समय एक बड़ा अवसर है, जबकि भाजपा के नेताओं ने कहा कि वे पंजाब में विकास और जनहित की राजनीति करेंगे।
इस अवसर पर नायब सिंह सैनी और सुनील जाखड़ ने संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस भी की, जिसमें जाखड़ ने कहा कि आज वे बहुत खुश हैं क्योंकि भगवंत मान के परिवार में से एक प्रमुख सदस्य भाजपा से जुड़ा है। उन्होंने आम आदमी पार्टी के कई कार्यकर्ताओं पर भी निशाना साधा और कहा कि मुख्यमंत्री भगवंत मान को समझ लेना चाहिए कि पंजाब को ममता बनर्जी का पश्चिम बंगाल नहीं बनने देंगे।
सुनील जाखड़ ने कहा कि वे यहां टीएमसी जैसी राजनीति को पूरी तरह समाप्त करने का संकल्प लेकर आए हैं और भाजपा पंजाब में राजनीतिक मजबूती से काम करेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि अमृतसर में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भाजपा कार्यालय में तोड़फोड़ की, लेकिन न ईडी की कार्रवाई रुकेगी और न ही सीबीआई की जांच।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच पंजाब की सियासत में नया मोड़ आ गया है और भाजपा ने इस बदलाव को अपने लिए बड़ी राजनीतिक सफलता के तौर पर पेश किया है। पंजाब की जनता अब विकास और स्थिर नेतृत्व की उम्मीद कर रही है और सभी की नजरें आगामी विधानसभा चुनावों पर लगी हुई हैं।
