बेंगलुरु, कर्नाटक। कर्नाटक के योजना मंत्री डॉ. डी. सुधाकर का निधन हो गया है। वे पिछले दो हफ्तों से जीवन समर्थन प्रणाली पर थे, जब उन्हें गंभीर फेफड़ों के संक्रमण के कारण अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके निधन से राज्य राजनीति में शोक की लहर दौड़ गई है।
डॉ. सुधाकर कर्नाटक की राजनीति के लोकप्रिय और अनुभवी नेता माने जाते थे। उन्होंने राज्य की विकास योजनाओं और नीतियों को आकार देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उनके कार्यकाल के दौरान कई सामाजिक और आर्थिक योजनाएं शुरू की गईं, जिनका उद्देश्य था राज्य के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित करना।
पिछले दिनों अचानक उनकी तबीयत बिगड़ने पर उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया था। चिकित्सकों ने बताया कि उन्हें गंभीर फेफड़ों का संक्रमण हुआ था, जिसके कारण उनकी स्थिति नाजुक हो गई। वे लगभग दो सप्ताह तक जीवन समर्थन प्रणाली पर थे, लेकिन फिर भी उनकी हालत में सुधार नहीं हो पाया।
डॉ. सुधाकर के निधन के बाद मुख्यमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं ने शोक जताया है। मुख्यमंत्री ने ट्वीट कर कहा, “कर्नाटक ने एक दूरदर्शी और समर्पित नेता को खो दिया है। उनकी सेवाएं हमेशा याद रखी जाएंगी।” विपक्षी नेताओं ने भी उनके परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त की है और कहा कि वे कर्नाटक की राजनीति की एक महत्वपूर्ण आवाज थे।
डॉ. सुधाकर के निधन से न केवल उनकी पार्टी बल्कि पूरे राज्य को बड़ा नुकसान हुआ है। उनके नेतृत्व और नीतिगत दृष्टिकोण की कमी आने वाले समय में महसूस की जाएगी। वे एक ऐसे नेता थे जिन्होंने हमेशा जन कल्याण को प्राथमिकता दी और अपने वक्तव्य में स्पष्ट और निर्णायक रहे।
राज्य सरकार ने उनके निधन पर तीन दिन का राजकीय शोक घोषित किया है। उनके अंतिम संस्कार में राजनीतिक, सामाजिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों के कई वरिष्ठ नेता एवं जनप्रतिनिधि शामिल हुए। इस मौके पर लोग उनकी उपलब्धियों और व्यक्तित्व को याद करते हुए भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित कर रहे हैं।
डॉ. डी. सुधाकर के निधन से कर्नाटक की राजनीति में एक युग का अंत माना जा रहा है। उनकी विरासत और योगदान आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा स्रोत बने रहेंगे।
