निर्माण श्रमिकों के लिए जल्द लागू होंगे सामाजिक सुरक्षा उपाय, कहते हैं आंध्र प्रदेश मंत्री

अमरावती, आंध्र प्रदेश। आंध्र प्रदेश के अधिकारियों ने निर्माण कार्यों से जुड़े श्रमिकों की भलाई और स्वास्थ्य सेवा को लेकर महत्वपूर्ण प्रस्ताव प्रस्तुत किए हैं। सूबे के शहरी विकास मंत्री सुभाष ने बताया कि Amaravati में एक 500-बेड की द्वितीयक अस्पताल और 150-बेड का सुपरस्पेशलिटी ESIC मेडिकल कॉलेज स्थापित करने के लिए आधिकारिक प्रस्ताव शासन को सौंपे गए हैं।

अस्पताल और मेडिकल कॉलेज की स्थापना से निर्माण श्रमिकों तथा आसपास के इलाकों के नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवा उपलब्ध कराई जाएगी। मंत्री सुभाष ने बताया कि इस परियोजना के तहत न केवल औसतन स्वास्थ्य सुविधाओं का विस्तार होगा, बल्कि मेडिकल शिक्षा और विशेषज्ञता की भी वृद्धि होगी, जिससे स्थानीय युवाओं को भी रोजगार के अवसर मिलेंगे।

सुभाष ने कहा, “हमारा लक्ष्य है कि Amaravati को स्वास्थ्य क्षेत्र में मॉडल शहर बनाया जाए, जिससे यहाँ के नागरिकों के साथ-साथ सभी जुड़े श्रमिकों को सामाजिक सुरक्षा मिल सके। जिस तरह से राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम उठाए हैं, उससे उम्मीद है कि राज्य में स्वास्थ्य अवसंरचना की दिशा में एक नई क्रांति आयेगी।”

आंध्र प्रदेश सरकार का यह प्रयास श्रमिकों की सुरक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने का संकेत है। निर्माण क्षेत्रों में काम करने वाले मजदूर अक्सर जोखिम भरे वातावरण में कार्य करते हैं, और इस कारण उनकी सुरक्षा तथा स्वास्थ्य संबंधी सुविधाओं का सुदृढ़ होना बेहद जरूरी है।

मंत्री ने आगे बताया कि इस नया अस्पताल और मेडिकल कॉलेज न केवल Amaravati के निर्माण श्रमिकों बल्कि पूरे क्षेत्र के लोगों को अपनी सेवाएं प्रदान करेगा। ESIC द्वारा संचालित यह चिकित्सा संस्थान रोजगार, स्वास्थ्य सहायता और सामाजिक सुरक्षा के नए मानक स्थापित करेगा।

मीडिया से बात करते हुए शहरी विकास अधिकारी ने कहा कि प्रस्तावित अस्पताल की योजना स्थानीय प्रशासन, चिकित्सा विशेषज्ञों और मजदूर संघों के विमर्श के बाद तैयार की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि सरकार इस परियोजना के तेजी से कार्यान्वयन के लिए आवश्यक सभी संसाधन उपलब्ध कराएगी।

विशेषज्ञों का मानना है कि इस मॉडल से अन्य राज्यों को भी प्रेरणा मिलेगी, और श्रमिकों के लिए बेहतर स्वास्थ्य ढांचे का विस्तार होगा। प्रस्तावित मेडिकल कॉलेज से चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में भी नए अवसर खुलेंगे, जिससे डॉक्टरों और विशेषज्ञों की संख्या में भी वृद्धि होगी।

इस परियोजना की मंजूरी मिलने के बाद Amaravati में स्वास्थ्य सेवाओं का स्तर सुधरेगा और मध्य-आय वर्ग से लेकर निम्न आय वर्ग के लोगों को बेहतर चिकित्सा सुविधा का लाभ मिलेगा। साथ ही यह निर्माण श्रमिकों के सामाजिक सुरक्षा पर सरकार की गंभीरता को भी दर्शाता है।

सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि परियोजना के सभी चरण पारदर्शिता के साथ पूरे किए जाएंगे और मजदूरों के हितों को प्राथमिकता दी जाएगी। आशा है कि Amaravati की यह पहल निर्माण श्रमिकों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएगी।

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