झारखंड के सरायकेला-खरसावां जिले के गम्हरिया थाने में सुरक्षा मांगने आई महिला के साथ वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा पर दुष्कर्म का आरोप लगा है। पुलिस ने मामले की गंभीरता देखते हुए नीरज लकड़ा सहित तीन पुलिसकर्मियों को गिरफ्तार किया है। साथ ही 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है।
मामले की शुरुआत और गिरफ्तारी
पीड़िता ने 31 अक्टूबर को लिखित शिकायत दी थी कि 29 अक्टूबर को शाम करीब 6 बजे पति के साथ विवाद हुआ था। रात में मारपीट के डर से वह घर से निकली और पड़ोस में किसी महिला की मदद से पुलिस को फोन किया। गम्हरिया पुलिस की PCR टीम महिला को रात करीब 12 बजे थाने लेकर आई।
थाने में महिला को आराम करने के लिए एक कमरे में भेजा गया था। उसी दौरान, वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा ने उसके साथ दुष्कर्म करने का आरोप लगाया गया। पुलिस ने शिकायत के आधार पर FIR दर्ज कर जांच शुरू की।
SIT जांच और निलंबन
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला के नेतृत्व में SIT गठित की गई। जांच में वायरलेस ऑपरेटर नीरज लकड़ा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजा गया। साथ ही पुलिस अवर निरीक्षक मनोज कुमार साहू और आरक्षी संतोष कुमार राय को भी गिरफ्तार किया गया है। SIT मामले की गहन जांच कर रही है।
थाना में महिला की सुरक्षा के अभाव और पुलिस लापरवाही के कारण 9 पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया है। जिनमें पुलिस अवर निरीक्षक अजय पासवान, ललन रविदास, सहायक अवर निरीक्षक विशु उरांव, मुकेश कुजूर, मुकेश रविदास, सीताराम सिंह पाहन, हवलदार पितांबर महतो, बहादुर हांसदा और आरक्षी मनोज गोराई शामिल हैं।
पुलिस ने बताया कि जांच रिपोर्ट में इन कर्मियों ने जरूरत के मुताबिक सतर्कता और जिम्मेदारी नहीं निभाई। निलंबित पुलिसकर्मियों को पुलिस केंद्र सरायकेला भेज दिया गया है।
यह घटना महिला सुरक्षा और पुलिस जवाबदेही पर कई सवाल खड़े कर रही है। पुलिस प्रशासन ने मामले की गंभीरता से जांच करने और आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, “हम पूरी पारदर्शिता से जांच कर रहे हैं और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई सुनिश्चित करेंगे।” फिलहाल SIT मामले की गहन पड़ताल जारी रखे हुए है।
