ईरान ने अमेरिका के सामने होर्मुज जलडमरूमध्य खोलने का नया प्रस्ताव रखा है, जिसमें कहा गया है कि अगर अमेरिका कुछ शर्तें मान लेता है तो यह रास्ता दो दिनों के भीतर खुल जाएगा। ये प्रस्ताव ईरान और कतर के बीच बातचीत के बाद आया है, जहां शर्तों को लेकर अभी भी बातचीत जारी है। अमेरिकी प्रतिक्रिया अब तक नहीं आई है, और अंतिम निर्णय डोनाल्ड ट्रंप के हाथ में है।
कतर के साथ मध्यस्थता और बातचीत का हाल
ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची के अनुसार, कतरी मध्यस्थों के साथ वार्ता में यह तय किया गया कि यदि अमेरिकी पक्ष उनकी शर्तें स्वीकार करता है तो जलडमरूमধ্য को दो दिन में खोला जा सकता है। इस बातचीत में समय सीमा को पांच दिन से घटाकर दो दिन किया गया है। पटना के अल जजीरा के रिपोर्ट मुताबिक, ये सुधार कतर की सलाह पर किया गया था। यह बातचीत शुक्रवार को तेहरान में 12 घंटों तक चली, जिसमें वाशिंगटन से भी संपर्क बनाया गया।
ईरान ने सुरक्षा को लेकर भी कड़ा रुख अपनाया है। उनके शीर्ष सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई ने स्पष्ट किया था कि जलडमरूमध्य तब तक बंद रहेगा जब तक उनकी शर्तें पूरी नहीं होतीं। रेजाई ने चेतावनी दी कि यदि ईरान पर हमला किया गया तो वे नए हथियारों के साथ जवाब देंगे।
ईरान की प्रमुख शर्तें क्या हैं?
ईरानी विदेश मंत्री ने बताया कि उनकी शर्तों में ‘इस्लामाबाद मेमोरेंडम’ के बाद लगाए गए प्रतिबंध हटाना, अमेरिकी सैन्य बलों की संख्या कम करना, तेल छूट बहाल करना और ईरान की फ्रीज की गई धनराशि जारी करना शामिल है। इसके अलावा, ईरान ओमान के साथ एक नया शिपिंग मार्ग आधिकारिक मान्यता दिलाना चाहता है और अन्य मार्गों को बंद करने की मांग कर रहा है।
लेबनान में इजरायल के हमलों को रोकने के लिए ईरान ने सभी मोर्चों पर युद्ध खत्म करने की भी अपील की है। यह वार्ता क्षेत्रीय तनाव को कम करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस द्वारा भेजे गए एक पत्र के बाद कतर के माध्यम से इन राजनयिक वार्ताओं की शुरुआत हुई थी, जिसमें सीधी बातचीत की पेशकश की गई थी। इस पत्र को रेजाई ने सकारात्मक संकेत के रूप में देखा। इस प्रस्ताव में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को भी मुद्दे के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव था।
डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि बातचीत आगे बढ़ रही है, लेकिन उन्होंने ईरान के परमाणु ठिकानों पर हमले की धमकी भी दी है। उन्होंने दावा किया कि यह ऑपरेशन “10 मिनट के भीतर” किया जा सकता है। इस बीच तनाव कम करने की दिशा में ईरान और अमेरिका के बीच यह बातचीत बेहद महत्वपूर्ण मानी जा रही है।
यह प्रस्ताव क्षेत्रीय सुरक्षा और वैश्विक तेल आपूर्ति के लिए भी अहम माना जा रहा है क्योंकि होर्मुज जलडमरूमध्य से विश्व की कुल समुद्री तेल खेप का बड़ा हिस्सा गुजरता है। दो पक्षों के बीच इस बातचीत का असर विश्व बाजार पर भी पड़ सकता है।
इस समय ईरान और अमेरिका के बीच चल रही बातचीत को लेकर पूरी दुनिया की निगाहें बनी हुई हैं। यह देखना होगा कि अमेरिकी प्रशासन इस प्रस्ताव पर क्या प्रतिक्रिया देता है और क्या ट्रंप अपने रुख में कोई नरमी लाते हैं।
