इजराइल में राजनीतिक संकट के बीच प्रधानमंत्री को सीधे चुनने की व्यवस्था लागू करने के लिए कानून बदलने की तैयारी चल रही है। विपक्षी दल इस प्रस्ताव पर चर्चा कर रहे हैं, जिससे सरकार को अल्पमत में ही बिना अरब पार्टियों के समर्थन के बनाया जा सके। इस बदलाव के तहत मतदाता सीधे प्रधानमंत्री को वोट देंगे, न कि सरकार को।
प्रधानमंत्री के सीधे चुनाव का प्रस्ताव
इस प्रस्ताव के अनुसार, प्रधानमंत्री का चुनाव अलग से होगा और सीधे चुना गया उम्मीदवार संसद में बहुमत न होने पर भी सत्ता संभाल सकता है। इससे, किसी भी गठबंधन को सरकार बनाने के लिए अरब पार्टियों का समर्थन लेना जरूरी नहीं होगा। मंगलवार को हुए चुनाव में किसी गठबंधन को 120 सदस्यों वाली नेसेट में बहुमत नहीं मिला है, जिसके कारण राजनीतिक गतिरोध बना हुआ है।
2021 में भी प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने इस तरह का प्रस्ताव दिया था, जब सरकार बनाने के लिए उन्हें पर्याप्त समर्थन नहीं मिल पाया था। तब से यह विचार एक विवादित लेकिन बार-बार सामने आने वाला विकल्प रहा है।
संवैधानिक बदलाव और संसद में बहुमत
इजराइल का ‘बेसिक लॉ: द गवर्नमेंट’ कानून सरकार बनाने की प्रक्रिया निर्धारित करता है। वर्तमान कानून के तहत, नयी सरकार को शपथ लेने से पहले संसद में विश्वास मत प्राप्त करना आवश्यक है। इस कानून में संशोधन के लिए कम से कम 61 सांसदों का समर्थन आवश्यक होगा, इसलिए विपक्षी दलों को संसद में बहुमत जुटाना होगा।
फिलहाल यह प्रस्ताव चर्चा के स्तर पर है और अभी साफ नहीं है कि इसे संसद में पेश किया जाएगा या नहीं। समर्थन मिलने पर ही यह कानून बदला जा सकता है। यदि बदलाव होते हैं, तो इजराइल में प्रधानमंत्री चुनने और सरकार बनाने का तरीका मूल रूप से बदल जाएगा।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह कोशिश इजराइल में राजनीतिक गतिरोध को खत्म करने के लिए उठाया गया कदम है, ताकि जल्दी से स्थिर सरकार बनाई जा सके। अभी तक इस विषय पर विपक्षी दलों के बीच सहमति जाहिर नहीं हुई है।
सरकार बनाने की इस नयी प्रक्रिया से इजराइल के राजनीतिक समीकरणों में बड़ा बदलाव आने की संभावना है। हालांकि, इसका प्रभाव चुनाव परिणामों और गठबंधन बनाने के तरीकों पर व्यापक रूप से देखने को मिलेगा।
इस प्रस्ताव के लागू होने पर भी यह सवाल बना रहेगा कि क्या राजनीतिक दल इसे समर्थन देंगे और सरकार सफलतापूर्वक काम कर पाएगी या नहीं। विपक्षी दलों की बातचीत और संसद की मुहर इस दिशा में निर्णायक साबित होगी।
