दिल्ली के कप्तान और बल्लेबाज आयुष बडोनी ने रणजी ट्रॉफी में अपनी जबरदस्त बल्लेबाजी जारी रखी है। गुजरात के खिलाफ 217 रन बनाने के बाद उन्होंने झारखंड के खिलाफ खेले गए ग्रुप सी मुकाबले में नाबाद 210 रन की शानदार पारी खेली। इस पारी के दम पर दिल्ली ने पहली पारी में 515 रन बनाए और अपनी स्थिति मजबूत की।
विराट कोहली और गौतम गंभीर के क्लब में शामिल
26 वर्ष के आयुष बडोनी ने लगातार दो फर्स्ट क्लास मैचों में दोहरे शतक लगाकर एक खास उपलब्धि हासिल की है। अब वह उन 21 बल्लेबाजों की लिस्ट में शामिल हो गए हैं जिन्होंने यह कारनामा किया है। यह सूची दिल्ली के दिग्गज बल्लेबाज विराट कोहली और गौतम गंभीर जैसी मशहूर हस्तियों से जुड़ी हुई है। बडोनी का फर्स्ट क्लास करियर औसत इस पारी के बाद 60 से ऊपर पहुंच गया है।
बडोनी की यह पारी 228 गेंदों पर नाबाद रही, जिसमें उन्होंने अपनी टीम को बड़े स्कोर तक पहुंचाया। उनके साथ बल्लेबाजी करने वाले सुमित माथुर ने भी कमाल किया और 253 गेंदों में 150 रनों की नाबाद पारियाँ खेली। दोनों ने छठे विकेट के लिये 334 रनों की रिकॉर्ड साझेदारी की, जो दिल्ली के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हुई।
दिल्ली की मुश्किल से वापसी और झारखंड की स्थिति
दिल्ली की टीम पहले दिन 181 रन पर पाँव पांच विकेट गंवा चुकी थी, जिससे उनकी स्थिति कमजोर दिख रही थी। उस वक्त बडोनी और माथुर ने पारी को संभाला और दूसरे दिन जब खेल शुरू हुआ, तो उन्होंने झारखंड के गेंदबाजों को बुरी तरह परेशान किया। इस साझेदारी के कारण दिल्ली ने एक विशाल स्कोर बना लिया।
झारखंड की टीम को जवाब में खेलना पड़ा, लेकिन उनकी शुरूआत अच्छी नहीं रही। दूसरे दिन के अंत तक झारखंड ने 4 विकेट खोकर 131 रन बनाए थे। उत्कर्ष सिंह ने 53 रन बनाकर अपनी टीम को मजबूत करने की कोशिश की, लेकिन अभी भी झारखंड का स्कोर दिल्ली के मुकाबले काफी पिछड़ा हुआ है।
दिल्ली का दबदबा इस मैच में साफ दिख रहा है और अब टीम को जीत की ओर बढ़ने के लिए फायदा मिल रहा है। बडोनी की कप्तानी में दिल्ली ने मजबूत स्थिति बना ली है और विपक्षी टीम पर दबाव बना रखा है। आगामी खेल में खिलाड़ियों का प्रदर्शन जीत के लिहाज से अहम होगा।
इस शानदार प्रदर्शन के बाद आयुष बडोनी को फैंस और विशेषज्ञों की खूब तारीफ़ मिल रही है। उनका यह आत्मविश्वास और निरंतरता भविष्य में भी उनकी टीम के लिए बड़ी संपत्ति साबित हो सकती है। फैंस की नज़रे अब इस युवा खिलाड़ी पर बनी हुई हैं।
इस मैच का परिणाम रणजी ट्रॉफी में दिल्ली की स्थिति को बेहतर बनाएगा और टीम का मनोबल भी मजबूत होगा। बडोनी की बल्लेबाजी से दिल्ली को फायदा होता दिख रहा है और उनके प्रदर्शन से टीम की उम्मीदें बढ़ी हैं। आने वाले मैचों में भी उनकी निरंतरता की उम्मीद की जा रही है।
