बछवाड़ा थाना क्षेत्र के चमथा-1 पंचायत के चमथा रजौली के पास बुधवार शाम गंगा नदी में मजदूरों से भरी नाव पलट गई। इस नाव पर लगभग 30 से 35 मजदूर सवार थे जो काम से लौट रहे थे। दुर्घटना में दो लोग लापता हो गए और चार घायल हुए हैं। प्रशासन और पुलिस टीम ने मौके पर पहुंच कर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया है।
नाव पलटने की घटना और बचाव प्रयास
मजदूर परवल की रोपनी की काम से वापस अपने गांव चमथा रजौली लौट रहे थे। वे सभी एक ही नाव पर थे जो गंगा नदी के बीच में पलट गई। नाव डगमगाते ही नदी में गिरने वाले मजदूरों ने तैरकर अपनी जान बचाई। हालांकि दो लोग तेज धार में बह गए और अभी तक उनका पता नहीं चल सका है। राहत कार्य में स्थानीय गोताखोरों की मदद ली जा रही है।
घटना के बाद मौके पर पहुंचे एसडीपीओ कृष्ण कुमार, अंचलाधिकारी प्रीतम गौतम और थाना प्रभारी विकास कुमार राय ने खोजबीन जारी रखी है। उन्होंने बताया कि लापता लोगों की तलाश स्थानीय गोताखोर एवं प्रशासनिक टीम के सहयोग से की जा रही है। जांच के मुताबिक नाव में क्षमता से ज्यादा लोग होने के कारण असंतुलित होकर पलटी।
घायलों का इलाज और स्थिति
विस्तरित जानकारी के अनुसार, चार घायलों में से दो की स्थिति गंभीर है। चमथा रजौली निवासी उदगार महतो की बेटी पूनम कुमारी (15) और विशो महतो के बेटे चंदन कुमार (16) को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बछवाड़ा में भर्ती कराया गया है। अन्य दो घायल स्थानीय निजी अस्पताल में उपचाराधीन हैं।
घायल चंदन कुमार और उनके दादा भोला महतो ने बताया कि नाव पर बहुत अधिक लोग सवार थे। इस वजह से नाव का संतुलन बिगड़ गया और यह पलट गई। सभी मजदूर काम पूरा कर लौट रहे थे।
स्थानीय लोगों ने घायलों को नदी से बाहर निकाल कर अस्पताल पहुंचाया। प्रशासन ने बचाव कार्य को तवज्जो दी है और हादसे में लापता दोनों लोगों को शीघ्र खोज निकाले जाने का प्रयास जारी है।
घटना ने पर्यावरणीय और सार्वजनिक सुरक्षा की चुनौतियों को फिर से उजागर किया है, खासतौर से नदी पार यात्रा में यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से। प्रशासन ने सामूहिक यात्रा में नाव में सीमित संख्या की सलाह दी है।
बछवाड़ा थाने की पुलिस और प्रशासन के साथ साथ स्थानीय गोताखोरों ने सर्च ऑपरेशन तेज कर दिया है। अभी तक दो लोगों के डूबने की पुष्टि की गई है और रेस्क्यू जारी है। पुलिस ने नाव ऑपरेटर से भी पूछताछ शुरू कर दी है।
यह घटना गंगा नदी की तेज धारा और नाव में सवार अधिक लोगों की वजह से हुई, जिसने कई मजदूरों की जान को खतरे में डाल दिया। प्रशासन ने यात्रा के दौरान सुरक्षा मानकों को कड़ाई से लागू करने की सलाह दी है। लापता लोगों की तत्काल खोज की जा रही है और पुलिस की निगरानी लगातार बनी हुई है।
