बिहार के समस्तीपुर जिले के परसा गांव में रविवार की रात एक भयावह घटना घटी। यहां एक नकाबपोश ने पूर्व मंत्री दिवंगत गजेंद्र प्रसाद सिंह की पत्नी उर्मिला सिन्हा पर उनके घर में चाकू से जानलेवा हमला किया। वारदात के बाद नकाबपोश आरोपी मौके से फरार हो गया, जबकि पुलिस ने इस घटना की प्राथमिकी दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
किस तरह हुई वारदात?
जानकारी के मुताबिक, उर्मिला सिन्हा रात लगभग 10 बजे खाना खाने के बाद टीवी देख रही थीं और फिर अपने कमरे में सोने चली गईं। बीचरात लगभग दो बजे अंधेरे में उनकी नींद टूट गई, जब किसी ने उनके मोबाइल फोन को उठाने की कोशिश की। जब उन्होंने देखा तो एक नकाबपोश व्यक्ति उनके कमरे में था।
उर्मिला ने हिम्मत दिखाकर उससे यह पूछा कि वह वहां क्या कर रहा है। आरोपित ने जवाब दिया कि उसे उन्हें मारने की सुपारी मिली है। इस पर उसने चाकू दिखाकर उन्हें चुप रहने की धमकी दी। जब उर्मिला ने खुद को बचाने के लिए कमरे का दरवाजा बंद करना चाहा, तो आरोपी ने उन पर चाकू से हमला किया और फिर भाग गया।
पुलिस की जांच और कार्रवाई
शिवाजीनगर थाना के थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार और उनके पुलिस बल ने तुरंत मौके पर पहुंचकर मामले को गंभीरता से लिया। इस मामले के लिए रोसड़ा के एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा भी डॉग स्क्वायड और फॉरेंसिक टीम के साथ घटनास्थल का निरीक्षण करने पहुंचे। फॉरेंसिक टीम ने वैज्ञानिक तरीके से सबूत एकत्रित किए और एक संदिग्ध चप्पल भी बरामद की गई।
एसडीपीओ संजय कुमार सिन्हा का कहना है कि पूरा घटनास्थल बारीकी से जांचा जा रहा है। शिवाजीनगर थानाध्यक्ष रविंद्र कुमार ने बताया कि इस वारदात की प्राथमिकी पीड़िता के आवेदन के आधार पर दर्ज की गई है और पुलिस आरोपी को जल्दी गिरफ्तार करने के लिए प्रयासरत है।
उर्मिला सिन्हा ने पुलिस से अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और पुलिस पूरी जांच कर रही है ताकि दोषी को सख्त सजा दिलाई जा सके। फिलहाल आरोपी की तलाश जारी है।
ज्योति कुमार सिंह, समस्तीपुर से रिपोर्टिंग करते हुए बताया कि यह मामला इलाके में सनसनी फैलाने वाला है। पूर्व मंत्री की पत्नी पर हमला एक संवेदनशील विषय है जिसे अत्यंत गंभीरता से लिया जा रहा है।
समस्तीपुर पुलिस जनता से भी इस संदिग्ध की पहचान में मदद करने का आग्रह कर रही है ताकि जल्द से जल्द आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके। पुलिस आश्वस्त करती है कि जांच में कोई भी कमी नहीं छोड़ी जाएगी और सुरक्षा सुनिश्चित होगी।
यह घटना समस्तीपुर जिले में कानून व्यवस्था की चिंता बढ़ा रही है। प्रशासन इस मामले में कड़ा रुख अपनाने की बात कर चुका है। घटना की जांच और पीड़िता की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है।
