अमेरिका में यूनिवर्सिटी में H1B वर्कर्स की भर्ती पर रोक, फ्लोरिडा गवर्नर की अपील

अमेरिका के फ्लोरिडा राज्य ने सरकारी यूनिवर्सिटीज में H-1B वीजा धारकों को काम पर रखने पर रोक लगाने का महत्वपूर्ण कदम उठाया है। फ्लोरिडा के गवर्नर रॉन डेसेंटिस ने अन्य राज्यों से भी इस दिशा में कदम उठाने का आग्रह किया है। उनका यह मानना है कि विदेशी वर्कर्स की भर्ती से अमेरिकी युवा ग्रेजुएट्स की रोजगार संभावनाएं प्रभावित हो रही हैं।

गवर्नर डेसेंटिस का बयान और मांग

रॉन डेसेंटिस ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट के ज़रिए साफ कहा कि ऐसे वीजा प्रोग्राम जिनसे अमेरिकी युवाओं को नुकसान पहुंचता है, उन्हें तुरंत बंद किया जाना चाहिए। उन्होंने बताया कि फ्लोरिडा ने पहले ही अपनी यूनिवर्सिटीज में H-1B के माध्यम से विदेशी कर्मचारियों को काम पर रखना बंद कर दिया है। उन्होंने अन्य राज्यों से भी ऐसा करने का सुझाव दिया।

इस अपील का संबंध उन प्रोग्रामों से है जो विदेशी छात्रों और प्रोफेशनल्स को “ऑप्शनल प्रैक्टिकल ट्रेनिंग” (OPT) और H-1B वीजा के जरिये काम करने की सुविधा प्रदान करते हैं। हालाँकि, इन कार्यक्रमों के कारण एंट्री-लेवल जॉब की संख्या घट रही है, जो अमेरिकन ग्रेजुएट्स के अधिकारों पर असर डाल रहा है।

फ्लोरिडा में H-1B भर्ती पर प्रतिबंध

गवर्नर डेसेंटिस ने अक्टूबर 2025 से ही इस प्रतिबंध की वकालत की थी। उन्होंने फ्लोरिडा के बोर्ड ऑफ गवर्नर्स को इस प्रोग्राम के दुरुपयोग के खिलाफ कड़े कदम उठाने के निर्देश दिए। मार्च 2026 में, बोर्ड ने राज्य की 12 सरकारी यूनिवर्सिटीज को H-1B वीजा के तहत कर्मचारियों की नई भर्ती को अस्थायी रूप से बंद कर दिया।

यह रोक 5 जनवरी 2027 तक लागू रहेगी, लेकिन यह वर्तमान कर्मचारियों पर लागू नहीं होगी। इस कदम का उद्देश्य अमेरिकी युवाओं के लिए जॉब के अवसर बढ़ाना बताया जा रहा है।

H-1B वीजा का इस्तेमाल अमेरिका में विशेष ज्ञान और न्यूनतम बैचलर डिग्री वाले प्रोफेशनल्स को काम पर रखने के लिए किया जाता है। हर साल सरकारी स्तर पर 65,000 विदेशी वर्कर्स को इस वीजा के अंतर्गत नौकरी मिलती है। लेकिन यूनिवर्सिटीज और शोध संस्थान इस सीमा से अलग होते हैं और अधिक वर्कर्स को हायर कर सकते हैं।

फ्लोरिडा राज्य की यह नीति है कि विदेशी वर्कर्स की भर्ती केवल उन्हीं पदों पर हो जहां अमेरिकी युवा काम नहीं कर पा रहे हों। डेसेंटिस का मानना है कि ऐसी हायरिंग से अमेरिकी युवाओं का भविष्य प्रभावित होता है और इसलिए इसे तत्काल बंद किया जाना चाहिए।

यह विवाद H-1B वीजा प्रोग्राम के महत्व और अमेरिकी रोजगार पर इसके प्रभाव को लेकर लंबे समय से चला आ रहा है। फ्लोरिडा का निर्णय इसे लेकर एक बड़ा रुख माना जा रहा है, जो शायद अन्य राज्यों के लिए भी उदाहरण बने।

इस मामले में आगे की कार्रवाई और अन्य राज्यों की प्रतिक्रिया पर नजर बनी हुई है। डेसेंटिस ने स्पष्ट कर दिया है कि अमेरिकी युवाओं की रोजगार सुरक्षा उनकी प्राथमिकता है और विदेशी वर्कर्स की भर्ती नियमों का पालन करते हुए ही होनी चाहिए।

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