अमेरिका के डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी (DHS) ने H-1B वीजा धारकों और उनके जीवनसाथियों के लिए एक नया नियम लागू करने का निर्णय लिया है। इस नए नियम के तहत वर्क ऑथराइजेशन एक्सपायरी के बाद पेंडिंग रिन्यूअल आवेदन के लिए पहले मिलने वाला ग्रेस पीरियड खत्म कर दिया गया है। यह बदलाव अमेरिका में काम कर रहे विदेशी कर्मचारियों के लिए महत्वपूर्ण है।
ग्रेस पीरियड खत्म और इसका प्रभाव
DHS ने 540 दिन की ऑटोमैटिक एक्सटेंशन अवधि, जो पिछली सरकार के तहत लागू थी, को समाप्त कर दिया है। इसका असर खासकर H-1B वीजा होल्डर्स के जीवनसाथियों पर होगा। अब वीजा एक्सटेंशन पर अधिक कड़ी जांच होगी और USCIS को अधिक बार आवेदनों की समीक्षा करनी होगी। यह बदलाव 14 अक्टूबर से लागू होगा, इसके पहले एक पब्लिक कमेंट पीरियड भी रखा गया है।
नया नियम लागू होने पर, USCIS प्रत्येक वीजा एक्सटेंशन को नए केस की तरह देखेगा। पहले अगर व्यक्ति उसी नियोक्ता के लिए और वही नौकरी करने जा रहा था तो एक्सटेंशन को नया केस नहीं माना जाता था। लेकिन अब इसके लिए ज्यादा कागजी कार्रवाई और साक्ष्यों की जरूरत पड़ेगी। इससे अधिक आवेदन रिजेक्ट हो सकते हैं और RFE (अतिरिक्त जानकारी के लिए अनुरोध) की संख्या बढ़ सकती है।
USCIS पर पेंडिंग आवेदन और कानूनी चुनौती
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के अनुसार, 30 जून तक USCIS के पास 432,000 से अधिक वर्क परमिट रिन्यूअल आवेदन छह महीने से अधिक समय से पेंडिंग थे, जिसमें से 91,000 आवेदन डेढ़ साल से भी लंबित हैं। विदेशी कर्मचारी अपने डॉक्यूमेंट्स की एक्सपायरी से 180 दिन पहले तक रिन्यूअल आवेदन नहीं कर सकते। जनवरी में H-4 वीजा धारकों के एक समूह ने DHS पर नियम में बदलाव को एडमिनिस्ट्रेटिव प्रोसीजर एक्ट के उल्लंघन के रूप में लिया और केस दायर किया।
इस नए नियम के कारण H-1B वर्कर्स और उनके परिवार के लिए वर्क प्रॉसेसिंग और स्ट्रिंगेंसी में सुधार होगा। USCIS को कर्मचारियों की योग्यता और नौकरी की सच्चाई पर बेहतर जांच का मौका मिलेगा, जिससे नियमों का उल्लंघन कम हो सकेगा।
इस बदलाव के बाद, नियोक्ताओं और कर्मचारियों को दस्तावेज़ों की सुनिश्चितता के लिए अधिक ध्यान देना पड़ेगा। सबूतों की मांग बढ़ेगी और कामगारों को नौकरी की पात्रता साबित करने में अधिक कठोरता का सामना करना पड़ सकता है।
डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी के इस कदम का मकसद USCIS की प्रक्रिया को तेज़ और साफ-सुथरी बनाना है, ताकि अनियमितताओं को रोका जा सके और विदेशी कर्मचारियों को उचित अवसर मिले। हालांकि यह नियम कुछ कर्मचारियों के लिए चुनौतियां ला सकता है, लेकिन इससे अमेरिकी रोजगार प्रणाली की विश्वसनीयता बढ़ेगी।
इस बदलाव के मद्देनजर H-1B और H-4 वीजा धारकों को अपनी वर्क ऑथराइजेशन की स्थिति पर खास ध्यान देना चाहिए और आवश्यक दस्तावेज़ समय पर तैयार रखना चाहिए। यह परिवर्तन विदेशी कर्मचारियों और नियोक्ताओं दोनों के लिए बड़ा बदलाव साबित होगा।
