गुजरात में केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने शुक्रवार को महत्वपूर्ण कार्यक्रमों में भाग लिया। वह गांधीनगर के रूपल इलाके में स्थित शक्तिपीठ श्री वरदायिनी माताजी मंदिर में भगवान शिव की 81 फुट ऊंची प्रतिमा की आधारशिला रखेंगे, जो शाम 6 बजे आयोजित की गई।
अमित शाह के धार्मिक दौरे
शाह ने इस दिन अहमदाबाद और गांधीनगर के विभिन्न धार्मिक स्थलों का दौरा भी किया। उनके दिन की शुरुआत दोपहर 2:45 बजे अहमदाबाद के सैटेलाइट इलाके में प्रेरणा तीर्थ से हुई, जहां उन्होंने गच्छाधिपति परम पूज्य नर रत्न सुरीश्वर जी महाराज से मुलाकात की। इसके तुरंत बाद दोपहर 3:15 बजे पालड़ी स्थित श्री विश्व जैन संघ में उंनसे गच्छाधिपति परम पूज्य उदयप्रभ सुरीश्वर जी महाराज से भी भेंट हुई।
शिव प्रतिमा का शिलान्यास समारोह शाम को गांधीनगर में संपन्न हुआ। अमित शाह ने मंदिर परिसर में पूजा-अर्चना भी की। यह नाते, नवरात्र के पावन अवसर पर होने वाले धार्मिक आयोजनों का एक मुख्य आकर्षण था।
शाम के अन्य कार्यक्रम
शिलान्यास के बाद अमित शाह शाम 7:30 बजे मानसा स्थित बहुचर माता मंदिर में संध्या आरती में शामिल हुए। इसके बाद उनका अंतिम कार्यक्रम कोलवाड़ा के नवरात्रि चौक पर था, जहां शाम 9:30 बजे श्री रामजी मंदिर में नवरात्रि युवक मंडल द्वारा रास गरबा का आयोजन किया गया। शाह ने इस पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम में भी भाग लिया।
यह दौरा नवरात्र के दौरान आयोजित धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों का हिस्सा था। इस दौरान अमित शाह ने जैन धर्मगुरुओं से मुलाकात की, हिंदू मंदिरों में प्रार्थना की और स्थानीय सांस्कृतिक आयोजनों में भाग लिया।
अमित शाह का यह दौरा गुजरात में धार्मिक एकता और सांस्कृतिक विविधता को दर्शाता है। उनके कार्यक्रमों में नवरात्रि के उत्सव की भव्यता और धार्मिक अनुष्ठानों की गरिमा साफ झलकती है।
पिछले दौरे की यादें
अमित शाह ने हाल ही में 27 सितंबर को भी गुजरात का दौरा किया था। तब उन्होंने मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के साथ अहमदाबाद के साबरमती रेलवे स्टेशन पर 1,472 करोड़ रुपए की रेलवे परियोजनाओं का उद्घाटन किया था। उन्होंने देश की पहली LNG चलित ट्रेन को हरी झंडी दिखाई और डब्ल्यूएजी-12 लोकोमोटिव मेंटेनेंस शेड का भी उद्घाटन किया। अमित शाह ने ऑटोमेटिक सिग्नलिंग सिस्टम सहित महत्वपूर्ण रेलवे इंफ्रास्ट्रक्चर योजनाओं की शुरुआत की थी।
इस प्रकार, अमित शाह का यह नया दौरा भी गुजरात में धार्मिक और सार्वजनिक विकास परियोजनाओं के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना गया है। उनकी उपस्थिति से स्थानीय लोगों में उत्साह बना हुआ है।
