नई दिल्ली पुलिस की आईएफएसओ यूनिट ने सीमा पार से फैल रहे झूठे प्रचार और देश विरोधी माहौल बनाने वाले सोशल मीडिया पोस्ट के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की है। 12 अक्टूबर को दिल्ली में हुए प्रदर्शन के संबंध में कुल चार एफआईआर दर्ज की गई हैं, जो भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 समेत अन्य धाराओं के तहत हैं।
सीमा पार से फैलाया जा रहा झूठा प्रचार
पुलिस के अनुसार, पाकिस्तान के कई सोशल मीडिया अकाउंट्स भारत विरोधी झूठी खबरें और फर्जी वीडियो फैलाने में शामिल हैं। 10 अक्टूबर को पाकिस्तान से जुड़े सोशल मीडिया हैंडल्स ने प्रदर्शन में लोगों की मौत की झूठी खबरें पोस्ट की थीं, जिससे भड़काऊ माहौल बनने की कोशिश हुई। यह पहचान की गई है कि पाकिस्तानी सोशल मीडिया यूजर्स भारतीय नाम और पहचान का उपयोग कर अफवाहें फैला रहे हैं।
दिल्ली पुलिस ने अब तक ऐसे करीब 500 सोशल मीडिया पोस्ट को हटाया है, जिनमें भ्रामक और अशांतिपूर्ण सामग्री शामिल थी। इसके अलावा, ये आईएफओ सक्रिय रूप से इस तरह के नकारात्मक पोस्ट पर नजर रख रही है, ताकि जल्द से जल्द कार्रवाई की जा सके।
एफआईआर में आरोप और कार्रवाई
चार एफआईआर में से दो कनॉट प्लेस इलाके के तिलक मार्ग थाने में दर्ज हैं, एक मंदिर मार्ग थाने में और एक बाराखंभा थाने में दर्ज की गई है। इन एफआईआर में मुख्य रूप से BNSS कानून की धारा 163 के उल्लंघन का आरोप है, जो अफवाह फैलाने और अशांति पैदा करने पर कठोर कार्रवाई का प्रावधान करता है।
पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि ये कदम सामाजिक शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए बहुत जरूरी हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया पर फैलने वाली झूठी खबरें देश के माहौल को खराब करती हैं और इस पर तुरंत रोक लगाना जरूरी है।
वहीं, कांग्रेस की केरल यूनिट द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए एक विवादित पोस्ट ने नया मुद्दा खड़ा कर दिया है। इस पोस्ट में सुप्रीम कोर्ट के चीफ जस्टिस से इस्तीफे की मांग की गई थी, जो बाद में डिलीट कर दिया गया।
एक सुप्रीम कोर्ट वकील ने इस पोस्ट को लेकर सीजेआई से स्वतः संज्ञान लेकर आपराधिक अवमानना की कार्रवाई शुरू करने की मांग की है। वकील विनीत जिंदल ने बताया कि इससे कोर्ट परिसर में हुई प्रदर्शन और नारेबाजी की भी जांच होनी चाहिए, क्योंकि इससे कोर्ट की सुरक्षा और कामकाज प्रभावित होते हैं।
दिल्ली पुलिस की सक्रिय निगरानी में सोशल मीडिया पर बढ़ते झूठे और भड़काऊ पोस्टों पर कार्रवाई की जा रही है ताकि सामाजिक व्यवस्था और कानून का उल्लंघन रोक सके। इस मामले में पुलिस लगातार नई एफआईआर दर्ज कर रही है और जिम्मेदारों को कानूनी कार्रवाई के दायरे में लाया जा रहा है।
