दिल्ली, दिल्ली – दिल्ली पुलिस ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स, मेटा और एक्स (पूर्व में ट्विटर) से आग्रह किया है कि वे झूठी और भ्रामक वीडियो कंटेंट को तुरंत हटाएं जो हाल ही के जंतर-मंतर के प्रदर्शन को चल रहे आंदोलन के रूप में प्रस्तुत कर रही हैं। पुलिस ने इन वीडियो को गलत और भ्रामक मानते हुए कहा है कि यह agitation पहले ही समाप्त हो चुकी है, लेकिन कुछ सोशल मीडिया यूजर्स इसे अभी भी जारी दिखा रहे हैं।
पुलिस ने अपनी जांच में इन वीडियो को साझा करने वाले कई खातों की पहचान की है जिनके खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों का मानना है कि इस तरह की गलत सूचनाएं सार्वजनिक शांति और व्यवस्था के लिए खतरा बन सकती हैं।
स्रोतों के अनुसार, दिल्ली पुलिस ने मेटा और एक्स को आधिकारिक रूप से लिखा है कि वे संबंधित वीडियो को हटाकर आपा-धापी रोकने में सहयोग करें। पुलिस ने कहा कि misinformation और fake news के प्रसार पर कड़ी नजर रखी जा रही है और इस पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
हालांकि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन पहले ही समाप्त हो चुका है, फिर भी कुछ सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पुराने वीडियो को कुछ यूजर्स द्वारा गलत संदर्भ में साझा किया जा रहा है, जिससे यह भ्रम पैदा हो रहा है कि आंदोलन अभी भी जारी है। पुलिस ने इस भ्रामक सूचना का खंडन करते हुए जनता से सूचनाओं को सत्यापित करने की अपील की है।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर कारर्वाई का आदेश दिए जाने के बाद, मेटा और एक्स दोनों ने कहा है कि वे प्लेटफॉर्म पर misinformation और गलत जानकारी के खिलाफ अपनी नीतियों को सख्ती से लागू करेंगे। उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे पुलिस के साथ मिलकर false videos को जल्द से जल्द हटाने में सहायक होंगे।
यह कार्रवाई सोशल मीडिया पर फैलाई जा रही भ्रामक सूचनाओं पर लगाम लगाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है। विशेषज्ञों के अनुसार, इस तरह की गलत जानकारी क्रांतिकारी या संवेदनशील घटनाओं के दौरान अफवाहें फैलाने और विरोध प्रदर्शनों को गलत दिशा देने का काम कर सकती हैं, जो समाज में खलबली मचा सकती हैं।
पुलिस ने जनता से भी अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर प्राप्त किसी भी सूचना को जांच-पड़ताल के बाद ही साझा करें ताकि कोई गलतफहमी न पनप सके। इसके साथ ही, किसी भी संदिग्ध कंटेंट को पुलिस या संबंधित अधिकारियों को सूचित करने की सलाह दी गई है।
इस पूरे मामले में दिल्ली पुलिस अपने शांति और कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देशों के तहत सतर्कता बरत रही है और भविष्य में भी सोशल मीडिया पर फैल रही गलत सूचनाओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई करती रहेगी।
