PhD Admission 2026: IIT में बिना GATE स्कोर के मिलेगी पीएचडी, 25,000 रुपये ग्रांट

इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (IIT) जोधपुर ने दिसंबर 2026 सत्र के लिए एक खास मौका दिया है। मटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग में पीएचडी प्रोग्राम के लिए अब उम्मीदवार GATE स्कोर के बिना भी आवेदन कर सकते हैं। यह पहल विशेष रूप से उन छात्रों के लिए है जो अनुसंधान में करियर बनाना चाहते हैं।

पीएचडी प्रोग्राम की मुख्य जानकारी

आईआईटी जोधपुर की आधिकारिक वेबसाइट के अनुसार, मटेरियल्स इंजीनियरिंग विभाग में एडवांस्ड मटेरियल्स और एनर्जी टेक्नोलॉजी जैसे क्षेत्रों में शोध करने का मौका मिलेगा। यह प्रोग्राम तकनीकी और अनुसंधान के क्षेत्र में रुचि रखने वाले विद्यार्थियों के लिए उपयुक्त है। आवेदन की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर 2026 रखी गई है।

किसी भी उम्मीदवार को अपनी योग्यता के आधार पर आवेदन करना होगा, जिसमें न्यूनतम शैक्षणिक मानदंड और प्रवेश परीक्षा सहित अन्य शर्तें शामिल हैं। इसलिए आवेदन करने से पहले पूरी अधिसूचना ध्यान से पढ़ना आवश्यक है। संस्थान की वेबसाइट पर विस्तृत मापदंड उपलब्ध हैं।

क्या बिना GATE स्कोर मिल सकता है एडमिशन?

पीएचडी के लिए GATE स्कोर की अनिवार्यता सभी IIT प्रोग्रामों या उम्मीदवारों पर लागू नहीं होती। IIT जोधपुर में मटेरियल्स इंजीनियरिंग पीएचडी के लिए GATE स्कोर की आवश्यकता नहीं है। इस प्रोग्राम में सीधे प्रवेश पाने के लिए उम्मीदवार को NIT के अपने बैच में टॉप 10 रैंक या 8.0 CGPA प्राप्त करना होगा।

यह नई सुविधा उच्च गुणवत्ता वाले शोधकर्ताओं को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से लाई गई है, ताकि वे बिना GATE स्कोर के भी अपनी रुचि के क्षेत्र में गहन अध्ययन कर सकें। इससे अधिक प्रतिभाशाली छात्र पीएचडी में आएंगे, जिससे तकनीकी प्रगति में वृद्धि होगी।

आवेदन प्रक्रिया ऑनलाइन होगी, और इच्छुक उम्मीदवार iitj.ac.in पर आवश्यक दस्तावेज और निर्देश देख सकते हैं। इसके अलावा, queries के लिए ईमेल – Office_materials@iitj.ac.in का उपयोग भी किया जा सकता है।

रिसर्च के लिए आर्थिक सहायता

पीएचडी कार्यक्रम के दौरान छात्रों को 25,000 रुपये की ग्रांट रिसर्च के लिए प्रदान की जाएगी। यह राशि शोध और साहित्य सम्बंधित खर्चों में मदद करेगी। इसके अतिरिक्त, अंतरराष्ट्रीय सम्मेलनों में भाग लेने तथा शोध पत्र प्रस्तुत करने के लिए 1 लाख रुपये तक की फाइनेंशियल सहायता भी उपलब्ध रहेगी।

इस प्रकार IIT जोधपुर शोध क्षेत्र में करियर बनाना चाहने वालों के लिए बेहतर अवसर प्रदान कर रहा है। बिना GATE के प्रवेश और आर्थिक सहायता के कारण प्रदेश की इतनी प्रतिष्ठित संस्था शोध में अधिक प्रतिभावान छात्रों को आकर्षित कर पाएगी। इस नयी पहल से राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर IIT के शोध गुणवत्ता में सुधार की उम्मीद है।

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