नई दिल्ली में चुनाव आयोग में गड़बड़ी के आरोपों और CEC ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग को लेकर चल रहे विवाद के बीच बीजेपी नेता प्रीति गांधी ने एक वीडियो साझा कर कांग्रेस के दो शीर्ष नेताओं राहुल गांधी और प्रियंका गांधी पर तीखा हमला किया है। प्रीति गांधी ने आरोप लगाया कि प्रियंका गांधी ने प्रदर्शन के दौरान महिला पुलिसकर्मी के साथ दुर्व्यवहार किया।
प्रीति गांधी का आरोप और वीडियो पोस्ट
बीजेपी की नेता प्रीति गांधी ने राहुल गांधी और प्रियंका गांधी के प्रदर्शन के वीडियो शेयर किए। उन्होंने लिखा कि प्रियंका गांधी महिला पुलिसकर्मी के साथ मारपीट करती हुई कैमरे में कैद हैं। उनका कहना था कि उनके उपदेश तो केवल कैमरों के सामने ही होते हैं, जब कोई देख नहीं रहा होता तो वे अपना असली चेहरा दिखाती हैं। यह व्यवहार उनके लिए शर्मनाक है, जबकि उनकी पार्टी उन्हें जनसमर्थित नेता बताने की कोशिश करती है।
प्रीति गांधी ने कहा कि यह कथित प्रदर्शन सिर्फ राजनीतिक नाटक है जिसे कांग्रेस अपनी PR मशीन के जरिए दर्शा रही है। उन्होंने कांग्रेस के इस दावे को चुनौती देते हुए आरोप लगाया कि पार्टी के नेता सार्वजनिक तौर पर महिलाओं का सम्मान नहीं करते।
राहुल गांधी पर भी लगाए गंभीर आरोप
प्रीति गांधी ने राहुल गांधी का भी एक वीडियो साझा किया जिसमें वह एक महिला पुलिसकर्मी के साथ धक्का-मुक्की करते दिख रहे हैं। उन्होंने कहा कि वर्दी में महिला के साथ शारीरिक संपर्क गैर-कानूनी और अस्वीकार्य है। इसके अलावा उन्होंने राहुल गांधी से सवाल किया कि क्या पितृसत्ता को खत्म करने के लिए इसी प्रकार का व्यवहार वह अपनाते हैं।
उनका कहना था कि महिलाओं के प्रति सम्मान केवल नारों तक सीमित नहीं होना चाहिए। उन्होंने इस घिनौने व्यवहार की निंदा करते हुए इसे पूरी तरह गलत बताया।
बीजेपी नेता के इस आरोप के बाद राजनीतिक माहौल और गर्मा गया है। कांग्रेस ने अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी है। इस मुद्दे पर सार्वजनिक बहस तेज होती दिख रही है, जिसमें विपक्ष और सरकार के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
चुनाव आयोग में गड़बड़ी और CEC के इस्तीफे से शुरू हुआ विवाद अब राजनीतिक संघर्ष का हिस्सा बन गया है। दोनों तरफ के नेता सक्रिय होकर अपनी-अपनी बात जनता तक पहुंचाने की कोशिश कर रहे हैं। इस बीच वीडियो के जरिए यह मुद्दा और भी जोर पकड़ चुका है।
कांग्रेस और बीजेपी के बीच यह तकराव देश के राजनीतिक परिदृश्य में नया मोड़ ला सकता है। विपक्षी दल इसे बीजेपी सरकार के खिलाफ राजनीतिक लड़ाई के रूप में देख रहे हैं, जबकि बीजेपी इसे विपक्ष का ड्रामा मानती है।
यह विवाद आगामी चुनावों से पहले राजनीतिक पारे को और बढ़ा सकता है। दोनों तरफ के समर्थक और कार्यकर्ता इस मामले को लेकर अपने-अपने तरीके से बड़ा जनाक्रम बनाने में लगे हैं। आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर और बयानबाजी की उम्मीद है।
