Stock Market Outlook: RBI पॉलिसी से लेकर Q2 रिजल्ट तक, अगले हफ्ते बाजार के लिए ये होंगे बड़े ट्रिगर

New Delhi, Delhi

भारतीय शेयर बाजार के लिए अगला सप्ताह कई महत्वपूर्ण घटनाक्रमों से भरा रहेगा। पिछले सप्ताह वैश्विक दबाव के कारण बाजार में भारी बिकवाली देखने को मिली। अब निवेशकों की नजर RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा, दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजों और पश्चिम एशिया के भू-राजनीतिक तनाव पर रहेगी।

पिछले सप्ताह सेंसेक्स 1,670.84 अंक टूटकर 71,909.70 पर बंद हुआ। निफ्टी में भी 3 प्रतिशत से अधिक की गिरावट रही और यह 22,421.95 पर बंद हुआ। तकनीकी आधार पर निफ्टी लगातार आठवें सप्ताह गिरावट के साथ बंद हुआ है।

साप्ताहिक RSI करीब 31.06 पर है। यह 50 के तटस्थ स्तर से काफी नीचे है और बाजार में कमजोर मोमेंटम का संकेत देता है। हालांकि RSI ओवरसोल्ड क्षेत्र के करीब होने के कारण निचले स्तरों पर तकनीकी रिकवरी की संभावना बनी हुई है।

तकनीकी विश्लेषण के अनुसार निफ्टी के लिए 22,800 और 23,000 के स्तर महत्वपूर्ण रेजिस्टेंस हैं। इन स्तरों के ऊपर टिकाऊ बढ़त आने पर बिकवाली का दबाव कम हो सकता है। दूसरी ओर 22,350 और 22,180 प्रमुख सपोर्ट स्तर हैं।

RBI की नीति पर बाजार की नजर

अगले सप्ताह RBI की मौद्रिक नीति समीक्षा बाजार का प्रमुख घरेलू ट्रिगर होगी। निवेशक ब्याज दरों के साथ-साथ महंगाई और आर्थिक वृद्धि को लेकर केंद्रीय बैंक के रुख पर नजर रखेंगे। नीति से मिलने वाले संकेत घरेलू बॉन्ड और इक्विटी बाजार दोनों को प्रभावित कर सकते हैं।

दूसरी तिमाही के कॉरपोरेट नतीजे भी बाजार की दिशा के लिए महत्वपूर्ण होंगे। कंपनियों के वित्तीय प्रदर्शन और भविष्य के संकेतकों से निवेशकों को कारोबारी माहौल की बेहतर तस्वीर मिल सकती है।

पश्चिम एशिया और कच्चा तेल

वैश्विक स्तर पर पश्चिम एशिया का तनाव बाजार की धारणा पर असर डाल रहा है। अमेरिका में बॉन्ड यील्ड बढ़ने, महंगाई की चिंता और ऊंची ऊर्जा कीमतों ने भी निवेशकों को सतर्क किया है।

कच्चे तेल की कीमतों पर भी नजर रहेगी। ब्रेंट क्रूड अपने हालिया ऊंचे स्तरों से नीचे आया है और हॉर्मुज जलडमरूमध्य से कच्चे तेल की आपूर्ति युद्ध-पूर्व स्तरों के करीब पहुंचने लगी है।

घरेलू अर्थव्यवस्था से जुड़े आंकड़े अपेक्षाकृत मजबूत हैं। अगस्त में IIP वृद्धि 8 प्रतिशत रही। विनिर्माण क्षेत्र में 9 प्रतिशत और बिजली एवं गैस आपूर्ति में 12.3 प्रतिशत की वृद्धि हुई।

इसके अलावा अमेरिका के नॉन-फार्म पेरोल्स और ISM मैन्युफैक्चरिंग PMI जैसे आंकड़े भी अगले सप्ताह बाजार की दिशा को प्रभावित कर सकते हैं।

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