प्राइवेट सेक्टर के YES Bank ने 30 सितंबर 2026 को समाप्त दूसरी तिमाही के लिए शुरुआती बिजनेस अपडेट जारी किया है। बैंक के लोन और डिपॉजिट पोर्टफोलियो में मजबूत वृद्धि दर्ज की गई। कुल लोन और एडवांस सालाना आधार पर 23.8 प्रतिशत बढ़कर 3,09,675 करोड़ रुपये हो गए। जून 2026 तिमाही की तुलना में इसमें 8.6 प्रतिशत की वृद्धि हुई।
बैंक के कुल डिपॉजिट में भी अच्छी तेजी दर्ज की गई। यह सालाना आधार पर 19.5 प्रतिशत और तिमाही आधार पर 12.3 प्रतिशत बढ़कर 3,54,084 करोड़ रुपये पहुंच गया। एक साल पहले इसी अवधि में कुल डिपॉजिट 2,96,276 करोड़ रुपये था।
CASA डिपॉजिट बढ़ा, लेकिन अनुपात में गिरावट
करंट अकाउंट और सेविंग्स अकाउंट यानी CASA डिपॉजिट सालाना आधार पर 6.6 प्रतिशत बढ़कर 1,06,255 करोड़ रुपये हो गया। हालांकि, CASA अनुपात में गिरावट देखने को मिली। सितंबर तिमाही में यह 30 प्रतिशत रहा, जबकि जून 2026 में 32.7 प्रतिशत और एक साल पहले 33.7 प्रतिशत था।
सर्टिफिकेट ऑफ डिपॉजिट में भी बढ़ोतरी हुई। 30 सितंबर 2026 तक इसका आंकड़ा 11,382 करोड़ रुपये रहा, जबकि 30 जून को यह 6,604 करोड़ रुपये था।
क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात 87.5 प्रतिशत
YES Bank का क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात जून तिमाही के 90.4 प्रतिशत से घटकर 87.5 प्रतिशत हो गया। बैंक के आंकड़ों के मुताबिक, इसका प्रमुख कारण क्रेडिट विस्तार की तुलना में डिपॉजिट में ज्यादा वृद्धि होना है।
बैंक का कंसोलिडेटेड औसत तिमाही लिक्विडिटी कवरेज रेश्यो 131.4 प्रतिशत रहा। यह नियामकीय जरूरतों से ऊपर है और बैंक की लिक्विडिटी स्थिति को दर्शाता है।
नॉर्मलाइज़्ड आंकड़ों में भी बढ़त
RBI की रियायती फॉरेक्स स्वैप सुविधा के तहत GIFT सिटी ब्रांच से जुड़े फॉरेन करेंसी नॉन-रेसिडेंट डिपॉजिट और संबंधित फॉरेन करेंसी टर्म लोन को समायोजित करने के बाद नॉर्मलाइज़्ड एडवांस में तिमाही आधार पर 3.3 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की गई।
वहीं, नॉर्मलाइज़्ड डिपॉजिट में 6.5 प्रतिशत की तिमाही वृद्धि हुई। नॉर्मलाइज़्ड CASA अनुपात 31.7 प्रतिशत रहा, जबकि नॉर्मलाइज़्ड क्रेडिट-टू-डिपॉजिट अनुपात 83.2 प्रतिशत दर्ज किया गया।
कुल मिलाकर, दूसरी तिमाही में YES Bank के लोन और डिपॉजिट दोनों में मजबूत वृद्धि दर्ज हुई, जबकि CASA अनुपात में गिरावट देखने को मिली।
