कोलकाता, पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल में बड़े औद्योगिक निवेश को लेकर गतिविधियां तेज हो गई हैं। अदाणी समूह के बाद अब रिलायंस इंडस्ट्रीज ने भी राज्य में कई क्षेत्रों में निवेश की संभावनाएं तलाशनी शुरू कर दी हैं। बुधवार को रिलायंस इंडस्ट्रीज के वरिष्ठ अधिकारियों और विभिन्न कारोबार से जुड़े सीईओ ने राज्य सचिवालय नबन्ना में मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी से मुलाकात की। बैठक में निवेश के अवसर, औद्योगिक विकास और रोजगार सृजन से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई।
राज्य सरकार के अधिकारियों के मुताबिक, रिलायंस की ओर से छह प्रमुख क्षेत्रों में संभावित परियोजनाओं को लेकर बातचीत की गई। इनमें डेटा सेंटर और एआई क्लाउड सेवाएं, इंटरनेशनल केबल लैंडिंग स्टेशन, कोयला गैसीफिकेशन, फूड पार्क, सड़क इंफ्रास्ट्रक्चर और मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल शामिल हैं।
राजारहाट में डेटा सेंटर पर काम शुरू
रिलायंस की ओर से राजारहाट स्थित बंगाल सिलिकॉन वैली हब में डेटा सेंटर परियोजना पर काम पहले ही शुरू किया जा चुका है। बैठक में इस परियोजना के विस्तार के साथ कंपनी की अन्य संभावित योजनाओं पर भी चर्चा हुई। रिलायंस ने इस क्षेत्र में पहले ही जमीन हासिल की है और अब डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को लेकर आगे की संभावनाएं तलाश रही है।
दीघा में केबल लैंडिंग स्टेशन की योजना
बैठक में पूर्व मेदिनीपुर के दीघा में इंटरनेशनल केबल लैंडिंग स्टेशन को लेकर भी चर्चा हुई। यह परियोजना समुद्र के रास्ते आने वाली डेटा केबल के जरिए पश्चिम बंगाल की अंतरराष्ट्रीय इंटरनेट और डेटा कनेक्टिविटी को मजबूत करने में मदद कर सकती है
इसके अलावा उत्तर बंगाल में फूड पार्क स्थापित करने की संभावनाओं पर भी बातचीत हुई। रिलायंस के एफएमसीजी कारोबार को देखते हुए इस परियोजना को खाद्य प्रसंस्करण और संबंधित क्षेत्रों में विस्तार से जोड़कर देखा जा रहा है।
कोयला गैसीफिकेशन और अस्पताल पर भी नजर
बैठक में देउचा-पचामी कोयला परियोजना और कोयला गैसीफिकेशन से जुड़ी संभावनाओं पर भी चर्चा हुई। इसके अलावा स्वास्थ्य क्षेत्र में मल्टी-स्पेशियलिटी अस्पताल और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं को लेकर भी संभावनाएं तलाशने की बात सामने आई है।
21 सितंबर को हुई थी मुकेश अंबानी से मुलाकात
रिलायंस अधिकारियों की बुधवार की बैठक से पहले मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने 21 सितंबर को मुंबई में रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन मुकेश अंबानी से मुलाकात की थी। उस बैठक में पश्चिम बंगाल में औद्योगिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने से जुड़े मुद्दों पर चर्चा हुई थी। इसके बाद रिलायंस के वरिष्ठ अधिकारियों का प्रतिनिधिमंडल बंगाल पहुंचा है।
यह घटनाक्रम ऐसे समय में सामने आया है, जब अदाणी समूह ने भी पश्चिम बंगाल में 2035 तक एक लाख करोड़ रुपये से अधिक के निवेश की योजना का ऐलान किया है। ऐसे में रिलायंस की संभावित परियोजनाओं से राज्य में औद्योगिक निवेश, बुनियादी ढांचे और रोजगार के नए अवसरों को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
