महिला सुरक्षा पर सुप्रीम कोर्ट सख्त, दिल्ली-NCR के संवेदनशील इलाकों का 4 हफ्ते में होगा सुरक्षा ऑडिट

नई दिल्ली, भारत

सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली-एनसीआर में महिलाओं की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता जताते हुए पुलिस और संबंधित एजेंसियों को समयबद्ध तरीके से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के निर्देश दिए हैं। हाल के दिनों में सामने आई दुष्कर्म की घटनाओं पर शीर्ष अदालत ने स्वतः संज्ञान लेते हुए कहा कि केवल चिंता व्यक्त करने से काम नहीं चलेगा, बल्कि जमीन पर सुरक्षा व्यवस्था में ठोस सुधार दिखाई देना चाहिए।

कोर्ट ने पुलिस को निर्देश दिया है कि वह चार सप्ताह के भीतर दिल्ली-एनसीआर के संवेदनशील इलाकों का व्यापक सर्वेक्षण करे। इसके साथ ही ऐसे क्षेत्रों की पहचान कर उनका नक्शा तैयार करने और वहां सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने को कहा गया है।

संवेदनशील इलाकों की होगी पहचान

सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के तहत पुलिस को उन स्थानों की पहचान करनी होगी, जहां महिलाओं के खिलाफ अपराध का खतरा अधिक है या जहां सुरक्षा व्यवस्था कमजोर है। इन इलाकों का सर्वे कर एक विस्तृत सुरक्षा मानचित्र तैयार किया जाएगा।

इस प्रक्रिया के जरिए पुलिस को यह पता लगाने में मदद मिलेगी कि किन क्षेत्रों में अतिरिक्त सुरक्षा व्यवस्था की जरूरत है और कहां संसाधनों को बढ़ाया जाना चाहिए।

पुलिस गश्त बढ़ाने के निर्देश

कोर्ट ने संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस गश्त बढ़ाने पर भी जोर दिया है। इसका उद्देश्य ऐसे इलाकों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाना और महिलाओं को सुरक्षित माहौल उपलब्ध कराना है।

विशेष रूप से उन स्थानों पर निगरानी मजबूत करने की जरूरत बताई गई है, जहां देर शाम या रात के समय आवाजाही कम रहती है और सुरक्षा संबंधी जोखिम अधिक हो सकता है।

खराब स्ट्रीट लाइट और CCTV होंगे दुरुस्त

सुप्रीम कोर्ट ने सुरक्षा व्यवस्था में बुनियादी ढांचे की भूमिका को भी महत्वपूर्ण माना है। कोर्ट ने खराब स्ट्रीट लाइट और सीसीटीवी कैमरों को दुरुस्त करने के निर्देश दिए हैं।

अंधेरे और कम निगरानी वाले स्थान अक्सर अपराध के लिहाज से संवेदनशील माने जाते हैं। ऐसे में स्ट्रीट लाइट की व्यवस्था बेहतर करने और सीसीटीवी निगरानी को प्रभावी बनाने से सार्वजनिक स्थानों पर सुरक्षा बढ़ाने में मदद मिल सकती है।

समयबद्ध कार्रवाई पर जोर

शीर्ष अदालत ने स्पष्ट किया है कि महिला सुरक्षा के मामले में केवल प्रशासनिक आश्वासन पर्याप्त नहीं हैं। सुरक्षा व्यवस्था में वास्तविक सुधार के लिए तय समयसीमा के भीतर कार्रवाई जरूरी है।

चार सप्ताह में संवेदनशील इलाकों का सर्वे, सुरक्षा मानचित्र तैयार करना, पुलिस गश्त बढ़ाना और खराब स्ट्रीट लाइट व सीसीटीवी को ठीक करना इसी दिशा में उठाए गए प्रमुख कदम हैं।

सुप्रीम कोर्ट की इस सख्ती के बाद दिल्ली-एनसीआर में महिला सुरक्षा से जुड़े इंतजामों की समीक्षा और निगरानी बढ़ने की उम्मीद है। अब संबंधित पुलिस और प्रशासनिक एजेंसियों के सामने इन निर्देशों को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की जिम्मेदारी होगी।

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