जयशंकर की वैश्विक मंच से अपील, एआई के अवसरों का उठाएं लाभ लेकिन नए डिजिटल खतरों से रहें सतर्क

संयुक्त राष्ट्र, अमेरिका

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर वैश्विक समुदाय से जिम्मेदार और संतुलित दृष्टिकोण अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि एआई दुनिया के सामने विकास और नवाचार के नए अवसर लेकर आया है, लेकिन इसके संभावित परिणामों तथा डिजिटल दुनिया में उभर रहे नए सुरक्षा खतरों को भी गंभीरता से लेने की जरूरत है।

जयशंकर ने ग्रीस के विदेश मंत्री जार्ज गेरापेत्रितिस के साथ ‘अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा के संदर्भ में एआई, विशेष रूप से समुद्री सुरक्षा पर जोर’ विषयक सत्र की सह-अध्यक्षता की। इस सत्र में एआई के बढ़ते प्रभाव और अंतरराष्ट्रीय शांति एवं सुरक्षा पर इसके संभावित असर को लेकर चर्चा हुई।

विदेश मंत्री ने एआई के क्षेत्र में नवाचार को बढ़ावा देने की आवश्यकता पर जोर दिया। हालांकि, उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि तकनीकी विकास के साथ सुरक्षा प्रभावों को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता। एआई प्रणालियों को सुरक्षित और भरोसेमंद बनाने के साथ उनके जिम्मेदार इस्तेमाल पर भी ध्यान देना जरूरी है।

जयशंकर ने हाल में संपन्न 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन में अपनाई गई नई दिल्ली घोषणा का उल्लेख करते हुए भारत के दृष्टिकोण को भी सामने रखा। उन्होंने बताया कि घोषणा में एआई संसाधनों तक लोकतांत्रिक पहुंच, सुरक्षित और भरोसेमंद प्रणालियों के विकास तथा मानव क्षमताओं में निवेश पर जोर दिया गया है।

नई दिल्ली घोषणा में आर्थिक विकास और सामाजिक कल्याण के लिए एआई के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की बात कही गई है। भारत का जोर इस बात पर है कि एआई से मिलने वाले लाभों को व्यापक स्तर पर पहुंचाया जाए और तकनीकी संसाधनों तक पहुंच अधिक समावेशी हो।

जयशंकर ने डिजिटल दुनिया में सामने आ रहे नए खतरों से निपटने की आवश्यकता पर भी जोर दिया। एआई के तेजी से विकास के साथ इससे जुड़े सुरक्षा प्रभावों को लेकर दुनिया के सामने नई चुनौतियां पैदा हो रही हैं। ऐसे में तकनीक के लाभ और उससे जुड़े जोखिमों के बीच संतुलन बनाना महत्वपूर्ण है।

उन्होंने संकेत दिया कि एआई का इस्तेमाल केवल आर्थिक या तकनीकी क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। इसका असर अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा और समुद्री सुरक्षा जैसे क्षेत्रों पर भी पड़ सकता है। इसलिए वैश्विक स्तर पर सहयोग और जिम्मेदार नीतियों की आवश्यकता बढ़ गई है।

जयशंकर की अपील का मुख्य संदेश यही रहा कि दुनिया को एआई की क्षमता को पहचानना चाहिए और इसके अवसरों का पूरा लाभ उठाना चाहिए, लेकिन इसके साथ सुरक्षा, भरोसे और मानव हित को भी प्राथमिकता देनी होगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!