नई दिल्ली
Gold Price Today: सोने की कीमतों में पिछले कुछ समय से लगातार उतार-चढ़ाव देखने को मिल रहा है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में होने वाले बदलावों का सीधा असर घरेलू सर्राफा बाजार और कमोडिटी मार्केट पर पड़ता है। ऐसे में सोना खरीदने या निवेश करने की योजना बना रहे लोगों के लिए आज का भाव जानना जरूरी है।
आज शनिवार होने के कारण मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर नियमित कारोबार नहीं होगा। वहीं, इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) की ओर से भी शनिवार को नए दैनिक रेट जारी नहीं किए जाते। ऐसे में आज बाजार में पिछले कारोबारी दिन के उपलब्ध भाव ही संदर्भ के तौर पर देखे जाएंगे।
सोने की कीमतों पर क्यों पड़ता है असर?
अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने की कीमतों में होने वाले बदलाव का असर भारत के बाजार पर भी दिखाई देता है। डॉलर की स्थिति, वैश्विक आर्थिक परिस्थितियां, केंद्रीय बैंकों की नीतियां और निवेशकों की मांग जैसे कई कारक सोने की कीमत को प्रभावित करते हैं।
इसके अलावा भारत में सोने की कीमत पर आयात शुल्क, टैक्स और रुपये की डॉलर के मुकाबले स्थिति का भी प्रभाव पड़ता है। यही वजह है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमतों में बदलाव होने पर घरेलू बाजार में भी सोने के भाव में तेजी या गिरावट देखने को मिल सकती है।
24, 22 और 18 कैरेट में क्या अंतर है?
सोना खरीदते समय केवल कीमत ही नहीं, बल्कि उसकी शुद्धता पर भी ध्यान देना जरूरी है। 24 कैरेट सोना सबसे अधिक शुद्ध माना जाता है, जबकि 22 कैरेट सोने में अन्य धातुओं को मिलाया जाता है, जिससे आभूषण अधिक मजबूत बनते हैं। वहीं, 18 कैरेट सोने में सोने की मात्रा और कम होती है तथा इसका इस्तेमाल कई तरह की ज्वेलरी में किया जाता है।
ज्वेलरी खरीदते समय ग्राहकों को हॉलमार्क और बिल जरूर जांचना चाहिए। साथ ही, सोने के मूल भाव के अलावा मेकिंग चार्ज और लागू टैक्स की जानकारी भी पहले लेनी चाहिए।
शहर के भाव में क्यों हो सकता है अंतर?
सोने का मूल बाजार भाव एक संदर्भ देता है, लेकिन अलग-अलग शहरों और दुकानों पर अंतिम कीमत थोड़ी अलग हो सकती है। स्थानीय मांग, मेकिंग चार्ज, ज्वेलर का मार्जिन और टैक्स संबंधी घटक इसके पीछे कारण हो सकते हैं।
इसलिए अगर आप आज सोना खरीदने जा रहे हैं तो 24, 22 या 18 कैरेट की कीमत के साथ मेकिंग चार्ज और अन्य शुल्क भी जरूर पूछें। शनिवार को नए MCX और IBJA रेट उपलब्ध नहीं होने के कारण खरीदारी से पहले स्थानीय ज्वेलर से उस समय का लागू भाव कन्फर्म करना बेहतर रहेगा।
