वॉशिंगटन, अमेरिका
मध्य पूर्व में अमेरिकी सैन्य तैनाती के बीच USS अब्राहम लिंकन से जुड़ी एक गंभीर जानकारी सामने आई है। अमेरिकी प्रशासन ने पुष्टि की है कि विमानवाहक पोत के कैरियर स्ट्राइक ग्रुप से जुड़े आठ सैन्यकर्मियों ने तैनाती के दौरान आत्महत्या का प्रयास किया।
यह जानकारी डेमोक्रेटिक सीनेटर कर्स्टन गिलिब्रैंड की ओर से पूछे गए सवालों के जवाब में सामने आई। कार्यवाहक नौसेना सचिव हंग काओ ने एक पत्र के जरिए इन घटनाओं की जानकारी दी। रिपोर्टों के अनुसार, USS अब्राहम लिंकन की तैनाती 300 दिनों से अधिक समय तक चली और इस दौरान जहाज लंबे समय तक समुद्र में रहा।
लंबी तैनाती के दौरान जहाज पर मौजूद सैनिकों के रहने की परिस्थितियों और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। लगातार समुद्र में रहने और बंदरगाह पर सीमित पहुंच के कारण सैनिकों को परिवार से लंबे समय तक दूर रहना पड़ा। इससे उनके मनोबल और मानसिक स्वास्थ्य पर दबाव बढ़ने की चिंताएं सामने आईं।
सैनिकों के मानसिक स्वास्थ्य पर फोकस
अमेरिकी नौसेना की ओर से सैनिकों के लिए मानसिक स्वास्थ्य सहायता की व्यवस्था किए जाने की बात कही गई है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, जहाज पर पांच पादरी, एक मनोवैज्ञानिक और अन्य सहायता संसाधन उपलब्ध थे।
सीनेटर गिलिब्रैंड ने सैनिकों की परिस्थितियों और लंबी तैनाती को लेकर प्रशासन से सवाल किए थे। उनके सवालों के जवाब में आत्महत्या के प्रयासों की संख्या सामने आने के बाद अमेरिकी सैन्य अभियानों में मानसिक स्वास्थ्य सहायता की पर्याप्तता को लेकर बहस तेज हो सकती है।
USS अब्राहम लिंकन की तैनाती ऐसे समय में हुई जब अमेरिका और ईरान के बीच सैन्य तनाव चरम पर था। जहाज और उसके स्ट्राइक ग्रुप की भूमिका को देखते हुए कर्मियों पर लंबे समय तक परिचालन दबाव बना रहा।
आठ आत्महत्या प्रयासों की पुष्टि ने यह सवाल खड़ा किया है कि लंबी और तनावपूर्ण सैन्य तैनाती के दौरान सैनिकों को मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितनी प्रभावी सहायता मिल रही है।
