राष्ट्रीय राजधानी नई दिल्ली 12 और 13 सितंबर को 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की मेजबानी के लिए तैयार है। सम्मेलन में दुनिया के कई प्रभावशाली देशों के नेता और अंतरराष्ट्रीय संगठनों के प्रमुख शामिल होंगे। रूसी राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन भारत पहुंच चुके हैं। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग 12 सितंबर को दोपहर 12:25 बजे एएफएस पालम पहुंचेंगे। इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका, ईरान, मिस्र, यूएई, मलेशिया, इंडोनेशिया और अन्य देशों के प्रमुख नेताओं का भी दिल्ली पहुंचने का कार्यक्रम है।
ब्रिक्स बैठक इस लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है कि यह वैश्विक स्तर पर बदलते भू-राजनीतिक समीकरणों के बीच आयोजित हो रही है। व्यापार, निवेश, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा और महत्वपूर्ण सप्लाई चेन से जुड़ी चुनौतियों के अलावा वैश्विक शासन व्यवस्था और बहुपक्षवाद भी चर्चा के प्रमुख विषय होंगे।
12 सितंबर का पूरा कार्यक्रम
12 सितंबर को दोपहर 2:35 बजे ब्रिक्स सदस्य देशों के नेताओं की बंद कमरे में बैठक होगी। इसका विषय ‘समावेशी वैश्विक शासन और बहुपक्षवाद को मजबूत करना’ है। इसके बाद शाम 4:25 बजे नेता ‘भारत इनोवेट्स प्रदर्शनी’ का दौरा करेंगे।
शाम 5:05 बजे आधिकारिक फैमिली फोटो और संयुक्त पौधरोपण कार्यक्रम होगा। इसके बाद शाम 7:30 बजे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी विदेशी मेहमानों के सम्मान में रात्रिभोज की मेजबानी करेंगे।
13 सितंबर को मुख्य सत्र
दूसरे दिन सुबह 9:55 बजे सदस्य देशों, साझेदार देशों और आमंत्रित मेहमानों का आगमन होगा। सुबह 10:35 बजे आधिकारिक समूह फोटो के बाद 10:50 बजे मुख्य खुला सत्र शुरू होगा।
इस सत्र का विषय ‘लचीलापन, नवाचार, सहयोग और स्थिरता—समावेशी वैश्विक विकास के लिए भविष्य को आकार देना’ रखा गया है। इसमें वैश्विक चुनौतियों से निपटने के लिए सहयोग और टिकाऊ विकास पर चर्चा होगी। सम्मेलन के अंत में ‘नई दिल्ली घोषणापत्र’ के साथ बैठक का समापन होगा।
दिल्ली में सुरक्षा का व्यापक घेरा
विदेशी नेताओं की मौजूदगी को देखते हुए राजधानी में बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। करीब 15 हजार दिल्ली पुलिसकर्मी और अर्धसैनिक बलों की 200 कंपनियां तैनात हैं। 500 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों से निगरानी की जा रही है।
कूटनीतिक एन्क्लेव और विदेशी मेहमानों के ठहरने वाले होटलों के आसपास सुरक्षा बढ़ाई गई है। हवाई क्षेत्र और यातायात व्यवस्था में भी आवश्यक बदलाव किए गए हैं। भारत मंडपम सम्मेलन का मुख्य केंद्र रहेगा।
