नई दिल्ली, दिल्ली
नई दिल्ली। खेती में बीज, खाद, सिंचाई, मजदूरी और मशीनरी पर होने वाला खर्च लगातार किसानों के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है। ऐसे में केंद्र सरकार की विभिन्न योजनाएं किसानों को खेती के लिए संस्थागत ऋण, प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता और वृद्धावस्था में सामाजिक सुरक्षा देने का काम करती हैं। किसान क्रेडिट कार्ड, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि और प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना इसी दिशा में महत्वपूर्ण योजनाएं हैं।
हालांकि, इन योजनाओं को लेकर एक बात स्पष्ट होना जरूरी है। केवल खसरा-खतौनी दिखाने से खाते में अपने-आप पैसा नहीं आता। संबंधित योजना की पात्रता, पहचान, भूमि रिकॉर्ड, बैंक विवरण, आधार प्रमाणीकरण और जहां जरूरी हो वहां e-KYC जैसी प्रक्रियाएं पूरी करनी होती हैं।
किसान क्रेडिट कार्ड क्या है?
किसान क्रेडिट कार्ड यानी KCC किसानों को कृषि और उससे जुड़ी गतिविधियों के लिए बैंक ऋण उपलब्ध कराने की सुविधा है। किसान इसका इस्तेमाल फसल उत्पादन से जुड़े खर्चों और कृषि इनपुट की खरीद के लिए कर सकते हैं। KCC को पशुपालन, डेयरी और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के लिए भी विस्तारित किया गया है।
सरकार ने 2025-26 में संशोधित ब्याज सहायता योजना के तहत KCC की ऋण सीमा ₹3 लाख से बढ़ाकर ₹5 लाख करने का प्रावधान किया है। वहीं, निर्धारित अल्पकालिक कृषि ऋण पर 7 प्रतिशत की ब्याज दर और समय पर भुगतान करने पर 3 प्रतिशत अतिरिक्त प्रोत्साहन मिलने से प्रभावी ब्याज दर 4 प्रतिशत तक हो सकती है। किसानों को यह समझना चाहिए कि यह बैंक ऋण है और इसे निर्धारित शर्तों के अनुसार चुकाना होता है।
PM-KISAN में ₹6000 सालाना
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि किसानों को प्रत्यक्ष आय सहायता देने वाली केंद्रीय योजना है। इसके तहत पात्र किसान परिवारों को सालाना ₹6,000 दिए जाते हैं। यह राशि तीन बराबर किस्तों में सीधे बैंक खाते में भेजी जाती है।
नए किसान PM-KISAN पोर्टल पर New Farmer Registration के जरिए आवेदन कर सकते हैं। पंजीकरण में आधार प्रमाणीकरण किया जाता है। योजना का लाभ लेने के लिए e-KYC भी अनिवार्य है। किसान पोर्टल पर अपना पंजीकरण, भुगतान स्थिति और e-KYC से जुड़ी जानकारी जांच सकते हैं।
PM-KMY में बुढ़ापे का सहारा
प्रधानमंत्री किसान मानधन योजना छोटे और सीमांत किसानों के लिए स्वैच्छिक और अंशदायी पेंशन योजना है। इसमें 18 से 40 वर्ष की उम्र में पात्र किसान शामिल हो सकते हैं। प्रवेश की उम्र के आधार पर किसान को ₹55 से ₹200 तक मासिक योगदान करना होता है। केंद्र सरकार भी किसान के योगदान के बराबर राशि देती है। 60 वर्ष की उम्र पूरी होने के बाद न्यूनतम ₹3,000 मासिक पेंशन का प्रावधान है।
आवेदन कैसे करें?
KCC के लिए किसान संबंधित बैंक शाखा में आवेदन कर सकते हैं। PM-KISAN के लिए आधिकारिक पोर्टल पर नया पंजीकरण किया जा सकता है। PM-KMY के लिए CSC के माध्यम से नामांकन कराया जा सकता है। आवेदन के समय भूमि रिकॉर्ड, आधार, मोबाइल और बैंक खाते से संबंधित जानकारी सही होना जरूरी है।
किसानों को सलाह है कि किसी भी योजना के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को दस्तावेज या पैसे देने से पहले उसकी पहचान और प्रक्रिया की पुष्टि करें। सरकारी योजना की सही जानकारी के लिए संबंधित विभाग, बैंक, CSC या आधिकारिक पोर्टल का ही इस्तेमाल करें।
