मुंबई, महाराष्ट्र
बॉलीवुड के पुराने गानों की सबसे बड़ी खासियत उनकी मधुरता और भावनाओं से जुड़ाव रही है। कई दशक गुजर जाने के बाद भी कुछ गीत ऐसे हैं, जिन्हें सुनकर मन उसी पुराने दौर में लौट जाता है। श्रीदेवी और ऋषि कपूर पर फिल्माया गया ‘मेरे दिल की गलियों में’ भी ऐसा ही खूबसूरत रोमांटिक गीत है। फिल्म ‘बंजारन’ के इस गाने को अलका याग्निक और सुरेश वाडेकर ने अपनी आवाज दी थी।
अलका याग्निक को हिंदी सिनेमा की दिग्गज प्लेबैक सिंगर्स में गिना जाता है। उनकी आवाज में एक खास मिठास और भावनात्मक गहराई थी, जिसकी वजह से उन्होंने रोमांटिक से लेकर दर्द भरे गीतों तक हर तरह के गानों में अपनी अलग पहचान बनाई। उनके करियर के कई गीत आज भी श्रोताओं के बीच लोकप्रिय हैं।
श्रीदेवी और ऋषि कपूर की जोड़ी ने बढ़ाई खूबसूरती
फिल्म ‘बंजारन’ में श्रीदेवी और ऋषि कपूर मुख्य भूमिकाओं में नजर आए थे। ‘मेरे दिल की गलियों में’ गीत दोनों पर फिल्माया गया और इसमें उनकी रोमांटिक केमिस्ट्री देखने को मिली। गाने की धुन के साथ दोनों कलाकारों का अभिनय इसे और प्रभावशाली बनाता है।
अलका याग्निक की आवाज गीत के रोमांटिक एहसास को मजबूती देती है। वहीं सुरेश वाडेकर के साथ उनकी जुगलबंदी गाने में एक अलग मिठास पैदा करती है। यही वजह है कि यह गीत आज भी पुराने फिल्मी संगीत के चाहने वालों को पसंद आता है।
गीतकार आनंद बख्शी के बोल
‘मेरे दिल की गलियों में’ के बोल मशहूर गीतकार आनंद बख्शी ने लिखे थे। गीत का संगीत दिग्गज संगीतकार जोड़ी लक्ष्मीकांत-प्यारेलाल ने तैयार किया। इन तीनों की रचनात्मक साझेदारी ने गीत को बेहद मधुर और यादगार बना दिया।
उस समय हिंदी फिल्मों के गीत सिर्फ मनोरंजन का हिस्सा नहीं होते थे, बल्कि कहानी और किरदारों की भावनाओं को भी आगे बढ़ाते थे। इस गीत में भी यही खूबी दिखाई देती है।
पुनर्जन्म की कहानी पर बनी थी फिल्म
‘बंजारन’ पुनर्जन्म की कहानी पर आधारित फिल्म थी और इसका निर्देशन हरमेश मल्होत्रा ने किया था। श्रीदेवी और ऋषि कपूर के अलावा फिल्म में प्राण, कुलभूषण खरबंदा, गुलशन ग्रोवर, रजा मुराद और राकेश बेदी जैसे कलाकार भी महत्वपूर्ण भूमिकाओं में थे।
फिल्म के पुराने गीतों में ‘मेरे दिल की गलियों में’ की अपनी खास जगह है। इसकी सुरीली धुन, अलका याग्निक की आवाज और श्रीदेवी-ऋषि कपूर की जोड़ी मिलकर ऐसा माहौल बनाती है, जिसे सुनने के बाद इसे दोबारा चलाने का मन करता है।
