नई दिल्ली, दिल्ली
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुए मक्का संयुक्त रक्षा समझौते को लेकर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने खुशी जाहिर की है। ट्रंप ने तीनों देशों के बीच हुए इस समझौते को बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण पहला कदम बताया। उन्होंने कहा कि इससे पश्चिम एशिया में एकजुटता बढ़ने और सुरक्षा सहयोग को मजबूत करने में मदद मिल सकती है।
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने सात अगस्त को मक्का में संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए थे। समझौते के तहत तीनों देशों ने एक-दूसरे की सुरक्षा को लेकर सहयोग बढ़ाने की प्रतिबद्धता जताई है। इसकी सबसे महत्वपूर्ण व्यवस्था यह है कि किसी एक सदस्य देश पर हमला सभी सदस्य देशों पर हमला माना जाएगा।
यह प्रावधान समझौते को सामान्य रक्षा सहयोग से अलग महत्व देता है। इसके जरिए तीनों देशों के बीच सामूहिक सुरक्षा की अवधारणा को मजबूत करने की कोशिश की गई है।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने रविवार को अपने इंटरनेट मीडिया प्लेटफार्म ट्रुथ सोशल पर इस समझौते को लेकर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि वह इस बात से खुश हैं कि सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान ने मक्का संयुक्त रक्षा समझौते पर हस्ताक्षर किए हैं।
ट्रंप ने अपने संदेश में पश्चिम एशिया में बढ़ते सहयोग का उल्लेख किया। उनके अनुसार, इस तरह की पहल से क्षेत्र के देश अधिक एकजुट होकर अपनी रक्षा करने में सक्षम हो सकते हैं। उन्होंने तीनों देशों के नेतृत्व को बधाई दी और समझौते को ‘बड़ा, साहसिक और महत्वपूर्ण पहला कदम’ करार दिया।
मक्का में हुए इस समझौते पर सऊदी अरब के क्राउन प्रिंस मोहम्मद बिन सलमान, तुर्किए के राष्ट्रपति रेसेप तैयब एर्दोगन और पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ ने हस्ताक्षर किए।
भारत ने समझौते के प्रभावों का अध्ययन शुरू किया
सऊदी अरब, तुर्किए और पाकिस्तान के बीच हुए रक्षा समझौते पर भारत की भी नजर है। भारत ने कहा है कि वह समझौते से जुड़े घटनाक्रम और उसके संभावित प्रभावों का अध्ययन कर रहा है।
विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने 11 अगस्त को कहा था कि भारत समझौते के अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के साथ-साथ क्षेत्रीय शांति और स्थिरता पर पड़ने वाले प्रभावों की पड़ताल कर रहा है।
उन्होंने कहा था कि भारत अपने राष्ट्रीय हितों को पूरा करने और उनकी रक्षा करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके लिए जरूरत के अनुसार सभी आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
इस तरह मक्का संयुक्त रक्षा समझौते के बाद पश्चिम एशिया और उससे जुड़े क्षेत्र में सुरक्षा सहयोग को लेकर नई चर्चा शुरू हुई है। ट्रंप की सकारात्मक प्रतिक्रिया ने इस समझौते को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चर्चा को और बढ़ा दिया है।
