गॉल, श्रीलंका
श्रीलंका के खिलाफ पहले टेस्ट में भारतीय सलामी बल्लेबाज यशस्वी जायसवाल बड़ी पारी नहीं खेल पाए, लेकिन गॉल में उनके नाम एक ऐसा रिकॉर्ड दर्ज हो गया जिसने उन्हें सीधे सचिन तेंदुलकर और संजय मांजरेकर जैसे दिग्गजों की सूची में पहुंचा दिया।
गॉल टेस्ट यशस्वी के टेस्ट करियर का 30वां मुकाबला है। इस मैच में मैदान पर उतरते ही उन्होंने अपने शुरुआती 30 टेस्ट 30 अलग-अलग मैदानों पर खेलने का रिकॉर्ड बना लिया। वह भारत के केवल तीसरे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने अपने पहले 30 टेस्ट मैच अलग-अलग वेन्यू पर खेले हैं।
यशस्वी का टेस्ट करियर 2023 में वेस्टइंडीज के खिलाफ शुरू हुआ था। इसके बाद उन्होंने लगातार अलग-अलग देशों और मैदानों पर भारतीय टीम का प्रतिनिधित्व किया। गॉल इस सफर का 30वां अलग टेस्ट वेन्यू बना।
किस्मत ने नहीं दिया साथ
रिकॉर्ड बनने के बाद यशस्वी मैदान पर अच्छी लय में नजर आ रहे थे। लेकिन उनकी पारी का अंत बेहद दुर्भाग्यपूर्ण रहा। वह 37 रन बनाकर रन आउट हो गए।
केएल राहुल ने एक शॉट खेला। श्रीलंकाई गेंदबाज ने गेंद को रोकने के लिए डाइव लगाई और इसी दौरान यशस्वी से टकरा गया। टक्कर के कारण यशस्वी का संतुलन बिगड़ गया और वह नीचे गिर गए। इसी बीच राहुल दूसरे छोर पर पहुंच गए।
कुछ ही पलों में दोनों बल्लेबाज एक ही छोर पर पहुंच गए। श्रीलंकाई टीम ने मौके का फायदा उठाया और विकेट गिराकर यशस्वी को रन आउट कर दिया। इस तरह अच्छी शुरुआत के बावजूद भारतीय ओपनर को 37 रन पर पवेलियन लौटना पड़ा।
यशस्वी का यह रन आउट सोशल मीडिया और क्रिकेट जगत में भी चर्चा का विषय बना। कई क्रिकेट प्रशंसकों ने इसे बेहद दुर्भाग्यपूर्ण विकेट बताया।
सचिन के खास क्लब में एंट्री
यशस्वी की असली उपलब्धि उनके रन से ज्यादा उनके वेन्यू रिकॉर्ड से जुड़ी है। अपने पहले 30 टेस्ट 30 अलग मैदानों पर खेलने के साथ वह सचिन तेंदुलकर और संजय मांजरेकर के साथ एक विशेष सूची में शामिल हो गए।
यशस्वी के अब तक के टेस्ट सफर में भारत के कई मैदानों के साथ ऑस्ट्रेलिया और इंग्लैंड के प्रमुख वेन्यू भी शामिल हैं। इससे उन्हें अलग-अलग परिस्थितियों में खेलने का अच्छा अनुभव मिला है।
गॉल में यशस्वी के आउट होने के बावजूद भारत की पारी पर ज्यादा असर नहीं पड़ा। देवदत्त पडिक्कल ने शानदार शतक लगाया और भारत ने पहले दिन का खेल 288/2 के मजबूत स्कोर के साथ समाप्त किया।
यशस्वी के लिए 37 रन की पारी भले ही व्यक्तिगत रूप से बड़ी उपलब्धि नहीं रही, लेकिन 30 टेस्ट और 30 मैदानों का यह रिकॉर्ड उनके करियर में लंबे समय तक याद रखा जाएगा।
