पंजाब: बाबा फरीद यूनिवर्सिटी की परीक्षा में हरियाणा के नकल गिरोह ने हाईटेक उपकरणों का उपयोग किया: शिक्षा मंत्री

चंडीगढ़, पंजाब – पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने सोमवार को विधानसभा में बयान दिया कि हरियाणा से जुड़े एक नकल गिरोह ने बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की फार्मेसी परीक्षा में नकल कराने के लिए अत्याधुनिक हाईटेक उपकरणों का उपयोग किया। ये उपकरण बदले हुए मोबाइल फोन, छिपे हुए वायरलेस ईयरपीस जैसे माध्यम थे, जिनसे परीक्षा में धोखाधड़ी की गई। इस गिरोह को पंजाब पुलिस ने काबू में लिया है।

शिक्षा मंत्री ने स्पष्ट किया कि यह कोई पेपर लीक का मामला नहीं है, बल्कि तकनीक का इस्तेमाल करके नकल कराए जाने का मामला है। उन्होंने आरोप लगाया कि हरियाणा सरकार ने वर्षों तक इस गिरोह की अनदेखी की, जो हजारों विद्यार्थियों का भविष्य खराब कर रहा था। मंत्री ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सलाह दी कि वे पंजाब पर राजनीति करने के बजाय अपने राज्य की समस्याओं पर ध्यान दें।

उन्होंने कहा कि पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है और अब यह देश का नंबर-1 राज्य बन चुका है। इसके पीछे राज्य सरकार की लगातार चल रही ‘सिख्या क्रांति’ पहल का बड़ा योगदान है। इस पहल के अंतर्गत पंजाब के सरकारी स्कूलों ने इस बार अभूतपूर्व परिणाम दिए हैं, जिनमें 882 छात्रों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा सफलतापूर्वक पास की है, जो पिछली बार के मुकाबले दोगुनी संख्या है।

शिक्षा मंत्री ने आगे बताया कि नीति आयोग की स्कूल शिक्षा गुणवत्ता रिपोर्ट 2026 में पंजाब ने केरल जैसी अग्रणी शिक्षावानों वाले राज्यों को पछाड़ते हुए देश में शीर्ष स्थान हासिल किया है। इसके अलावा, पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है जिसने कक्षा 1 से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में पढ़ाने की शुरुआत की है। यह योजना देश के 25,172 स्कूलों और करीब 31.5 लाख छात्रों को लाभान्वित करेगी। पाठ्यक्रम तैयार करने में सिंगापुर, फिनलैंड, यूएई और अमेरिका की शिक्षा प्रणालियों से प्रेरणा ली गई है।

हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब की गौरवशाली शिक्षा परंपरा को भी याद किया और कहा कि ऋग्वेद के मंत्रों से लेकर तक्षशिला विश्वविद्यालय तक, पंजाब शिक्षा के क्षेत्र में सदैव अग्रणी रहा है। उन्होंने महाराजा रणजीत सिंह के दरबार से लेकर गुरु नानक देव और गुरु अर्जन देव की शिक्षाओं तक का हवाला देते हुए पंजाब की शिक्षा के मूल्यों को उजागर किया। साथ ही, उन्होंने शहीद भगत सिंह, नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. हरगोबिंद खुराना, डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी और डॉ. गुरतेज सिंह संधू जैसे महान विभूतियों का जिक्र कर पंजाब की महान सांस्कृतिक और शैक्षणिक विरासत को याद किया।

मंत्री ने जोर देकर कहा कि पंजाब अपनी इस विरासत और छवि को किसी भी तरह से खराब नहीं होने देगा और इसके विकास के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने नकल जैसे अवैध कृत्यों के खिलाफ कड़क कार्रवाई की आवश्यकता पर भी बल दिया ताकि शिक्षा व्यवस्था को भ्रष्टाचार मुक्त और गुणवत्ता पूर्ण बनाया जा सके।

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