चंडीगढ़, पंजाब। पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने विधानसभा में सोमवार को एक महत्वपूर्ण खुलासा किया कि बाबा फरीद यूनिवर्सिटी ऑफ हेल्थ साइंसेज की फार्मेसी परीक्षा में हरियाणा के एक नकल गिरोह ने तकनीकी उपकरणों का इस्तेमाल करके नकल कराने की कोशिश की। इस गिरोह ने बदले हुए मोबाइल फोन, वायरलेस ईयरपीस और अन्य हाईटेक गैजेट्स का उपयोग किया जो परीक्षा प्रक्रिया को भ्रष्ट करने के स्पष्ट संकेत हैं।
शिक्षा मंत्री बैंस ने बताया कि यह मामला पेपर लीक नहीं, बल्कि तकनीक आधारित नकल का एक संगठित प्रयास था जिसे पंजाब पुलिस ने पकड़ लिया। उन्होंने कहा कि यह गिरोह कई वर्षों तक हरियाणा सरकार की अनदेखी के कारण स्वतंत्रता से सक्रिय रहा, जिससे हजारों छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ।
इस मुद्दे पर चर्चा करते हुए बैंस ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी को सलाह दी कि वे पंजाब पर राजनीति करने के बजाय अपने राज्य के अंदर चल रही समस्याओं पर ध्यान दें। उन्होंने पंजाब की शिक्षा प्रणाली की तारीफ करते हुए बताया कि पंजाब अब देश का नंबर-1 राज्य बन चुका है।
उन्होंने पंजाब की गौरवशाली शैक्षिक विरासत का उल्लेख करते हुए कहा कि यह धरती ऋग्वेद के मंत्रों से लेकर तक्षशिला विश्वविद्यालय, महाराजा रणजीत सिंह के दरबार और गुरु नानक देव जी के शिक्षाओं के लिए प्रसिद्ध है। शहीद भगत सिंह जैसे क्रांतिकारियों ने भी शिक्षा और समानता के लिए संघर्ष किया।
हरजोत सिंह बैंस ने पंजाब के महान वैज्ञानिकों को याद करते हुए कहा कि नोबेल पुरस्कार विजेता डॉ. हरगोबिंद खुराना, फाइबर ऑप्टिक्स के जनक डॉ. नरेंद्र सिंह कपानी और सेमीकंडक्टर मेमोरी के क्षेत्र में क्रांतिकारी डॉ. गुरतेज सिंह संधू जैसी हस्तियां पंजाब की शान हैं। वे बोले, “यह हमारी विरासत है और हम इसे कोई भी खराब नहीं कर सकता।”
शिक्षा मंत्री ने राज्य सरकार की ‘सिख्या क्रांति’ पहलकदमी की भी बात की, जिसमें पंजाब के सरकारी स्कूलों ने रिकॉर्ड शैक्षणिक परिणाम दिए हैं। उन्होंने बताया कि इस बार पंजाब के 882 छात्रों ने नीट यूजी 2026 परीक्षा में सफलता प्राप्त की, जो 2024 के 437 छात्रों की तुलना में दो गुना से ज्यादा है।
राष्ट्रीय शिक्षा गुणवत्ता की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए बैंस ने कहा कि नीति आयोग की 2026 की रिपोर्ट में पंजाब ने 27वें स्थान से छलांग लगाकर नंबर एक स्थान हासिल किया है और केरल जैसे मजबूत मुकाबले में भी आगे निकला है।
उन्होंने यह भी बताया कि पंजाब देश का पहला ऐसा राज्य बन गया है, जिसने कक्षा 1 से 12 तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। इस योजना के तहत लगभग 25,172 स्कूल और 31.5 लाख छात्र इस पाठ्यक्रम से लाभान्वित होंगे। पाठ्यक्रम का विकास सिंगापुर, फिनलैंड, यूएई और अमेरिका की बेहतरीन शिक्षा प्रणालियों का अध्ययन कर किया गया है।
हरजोत सिंह बैंस ने अंत में कहा कि प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और बेईमानी के खिलाफ कड़ा कदम उठाने का काम जारी रहेगा, ताकि पंजाब की पहचान शिक्षा और नैतिकता का पन्ना चमकता रहे।
