चंडीगढ़: पीएम मोदी ने रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू की सफाई के प्रति प्रतिबद्धता की प्रशंसा की

चंडीगढ़, पंजाब/हरियाणा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में चंडीगढ़ में रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी इंदरजीत सिंह संधू की सफाई के प्रति अटूट समर्पण और प्रतिबद्धता की खुले दिल से प्रशंसा की है। पीएम मोदी ने संधू को ‘ब्रूम वॉरियर’ के रूप में वर्णित करते हुए कहा कि उन्होंने शहर में स्वच्छता के लिए जो कदम उठाए हैं, वह सभी के लिए प्रेरणादायक हैं। इस योगदान को मान्यता देते हुए सरकार ने उन्हें पद्म सम्मान से नवाजा है, जिनके लिए संधू ने भी प्रधानमंत्री का आभार व्यक्त किया है।

इंदरजीत सिंह संधू ने कहा, “प्रधानमंत्री मोदी के शब्द मेरे लिए बहुत मायने रखते हैं। दिल्ली में उनकी मुलाकात के दौरान उन्होंने मेरे काम की प्रशंसा की थी, जो मुझे हमेशा याद रहता है। मैं एक छोटा आदमी हूँ, फिर भी मैंने अपने शहर को साफ रखने में अपना योगदान दिया है। यह सम्मान मेरे जैसे सामान्य नागरिकों के लिए भी एक प्रेरणा है।”

उन्होंने आगे बताया कि हमारे धर्मग्रंथ सफाई की महत्ता बताते हैं। वेद, गुरु ग्रंथ साहिब और अन्य धार्मिक ग्रंथ मन और पर्यावरण दोनों की सफाई की सीख देते हैं। गुरु नानक देव जी के कथन के अनुसार, हमें भगवान द्वारा प्रदत्त वातावरण को स्वच्छ रखना चाहिए और आने वाली पीढ़ियों को बेहतर स्थित में सौंपना चाहिए।

संधू ने साफ किया कि हवा, पानी और धरती जैसे प्राकृतिक संसाधनों को पवित्र समझ कर उनका संरक्षण करना हमारा कर्तव्य है। “हवा हमारे गुरु, पानी हमारे पिता और धरती हमारी माता है। इन سبके बिना जीवन की कल्पना भी नहीं की जा सकती। इसलिए मैं हर सुबह और शाम सफाई करता हूँ, ताकि यह कर्तव्य निभा सकूँ,” उन्होंने कहा।

रिटायर्ड आईपीएस अधिकारी ने यह भी जताया कि शुरू-शुरू में उनके प्रयासों में कोई विशेष सहयोग नहीं था, लेकिन समय के साथ लोग उनकी पहल से प्रेरित हो रहे हैं और सफाई को लेकर जागरूकता बढ़ रही है। संधू ने स्पष्ट किया कि यह खेल एक दिन या कुछ समय के लिए नहीं है, बल्कि यह निरंतर चलने वाला अभियान है जिसमें पूरे भारत को स्वच्छ रखना है, और गंदगी और प्रदूषण से बचाना है।

प्रधानमंत्री मोदी ने अपनी जनसभा में कहा, “मैं इंदरजीत सिंह संधू जी की पहल को सलाम करता हूँ जिन्होंने चंडीगढ़ में स्वच्छता की नई लहर पैदा की है। उनकी इस सेवा भावना को देखकर खुशी होती है और सरकार द्वारा उन्हें पद्म सम्मान से नवाजना इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में काम हो रहा है।”

इस प्रकार, चंडीगढ़ के पूर्व आईपीएस अधिकारी की लगन, समर्पण और सरकारी मान्यता ने स्वच्छ भारत के अभियान को एक नया आयाम दिया है। देशभर में नागरिकों के लिए यह प्रेरणा स्रोत बनकर उभरा है कि स्वच्छता केवल एक जिम्मेदारी नहीं, बल्कि एक श्रद्धा और जीवनशैली होनी चाहिए।

Source

error: Content is protected !!