गुरुग्राम। विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के संयुक्त महासचिव सुरेंद्र जैन ने अयोध्या राम मंदिर प्रकरण और ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक पर अपनी प्रतिक्रिया प्रस्तुत की है। उन्होंने कहा कि मामले में चल रही जांच निष्पक्ष और पारदर्शी है तथा दोषियों के खिलाफ जल्द ही सख्त कार्रवाई की जा रही है।
सुरेंद्र जैन ने आईएएनएस से बातचीत में बताया, “पूरे देश की निगाह इस मामले पर टिकाई हुई है। विशेष जांच दल (एसआईटी) निष्पक्षता के साथ हर पहलू की जांच कर रहा है। हमें जांच प्रक्रिया से पूर्ण संतुष्टि है। अपराधियों की गिरफ्तारी और उनके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई जारी है।”
उन्होंने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि कुछ राजनीतिक पार्टियां बिना किसी ठोस तथ्य के राजनीति कर रही हैं। “ऐसे नेताओं का इतिहास भ्रष्टाचार और राम विरोध से जुड़ा है, जो इस महत्वपूर्ण मामले को राजनीतिक रंग देने की कोशिश कर रहे हैं,” उन्होंने कहा।
राम मंदिर ट्रस्ट की प्रस्तावित बैठक में महासचिव चंपत राय और ट्रस्टी अनिल मिश्रा के इस्तीफे पर चर्चा के सवाल पर सुरेंद्र जैन ने कहा, “ट्रस्ट की बैठक इसी उद्देश्य से बुलाई गई है। इसमें मौजूदा परिस्थितियों पर विस्तार से विचार किया जाएगा और समाज हित में जो भी उचित निर्णय होगा, वह लिया जाएगा।”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट में कई सम्मानित संत शामिल हैं जिनकी ईमानदारी और समर्पण समाज में विश्वास का विषय है। “अंतिम फैसला ट्रस्ट का होगा और वही इस मुद्दे पर आधिकारिक जानकारी देगा,” उन्होंने कहा।
एसआईटी की जांच के दायरे को लेकर उन्होंने स्पष्ट किया कि अगर किसी स्तर पर शक की गुंजाइश है तो जांच को और व्यापक बनाना चाहिए। “जहां भी संदेह हो, वहां गहन जांच होना आवश्यक है ताकि सभी दोषी ठीक से पकड़े जा सकें। हमारी अपेक्षा है कि जांच पूरी पारदर्शिता के साथ हो और किसी भी दोषी को बख्शा न जाए,” उन्होंने कहा।
इसके अतिरिक्त, भारत और इंग्लैंड के बीच खेले गए टी20 मैच के दौरान प्रसारित एक एडल्ट विज्ञापन को लेकर तृणमूल कांग्रेस सांसद एवं पूर्व क्रिकेटर कीर्ति आजाद द्वारा जताई गई आपत्ति का समर्थन करते हुए सुरेंद्र जैन ने कहा कि इस तरह के विज्ञापन अप्रिय हैं।
उन्होंने कहा, “क्रिकेट एक ऐसा खेल है जिसे परिवार के सभी सदस्य एक साथ देखते हैं, जिसमें बूढ़े, बच्चे और महिलाएं शामिल हैं। ऐसे समय पर इस प्रकार के विज्ञापन का प्रसारण उचित नहीं है। समाज भी इसका विरोध कर रहा है क्योंकि यह सही संदेश नहीं देता। बेहतर होगा कि इस तरह के कंटेंट से दूर रहा जाए।”
