चेन्नई, तमिलनाडु
नरद गान सभा में आयोजित मंगालम मुथुस्वामी वीणा एन्डाउमेंट सीरीज के तहत एक यादगार संध्या पेश की गई जिसमें वीणा वादिका एस. नित्यश्री ने अपनी वादन कला के द्वारा दर्शकों का मन मोह लिया। साथ में बी. गणपतिरामन ने मृदंगम और बी.एस. पुरूषोथम ने कंजीरा पर अपनी लयबद्धता दिखाई।
भारत की समृद्ध शास्त्रीय संगीत परंपरा का प्रतिनिधित्व करते हुए यह प्रस्तुति अत्यंत मनोहारी रही। नित्यश्री की वीणा वादन में स्वरा की गति के साथ रागों की बारीक समझ और गहन अन्वेषण दिखाई दिया। उन्होंने पारंपरिक शास्त्रीय रागों में नवीनता और रचनात्मकता का सम्मिश्रण करते हुए एक अद्भुत अनुभव प्रदान किया।
कार्यक्रम का शुभारंभ विलंबित लेकिन सजीव मृदंगम और कंजीरा की तालों से हुआ, जिनमें बी. गणपतिरामन और बी.एस. पुरूषोथम ने परिपक्वता और सटीकता का परिचय दिया। उनके ताल संयोजन ने नित्यश्री की वीणा को एक नई ऊर्जा प्रदान की और समूचे कार्यक्रम को संतुलित किया।
नरद गान सभा में उपस्थित श्रोताओं ने वीणा के इन सुंदर सरगमों और संगीत में छिपे भावों का भरपूर आनंद लिया। संगीत प्रेमियों ने कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक आयोजनों से शास्त्रीय संगीत की परंपरा जीवित रहती है और नई पीढ़ी को प्रेरणा मिलती है।
मंगालम मुथुस्वामी वीणा एन्डाउमेंट सीरीज के आयोजनकर्ता भी इस सफलता से संतुष्ट हैं और उन्होंने कहा कि भविष्य में भी इस प्रकार के कार्यक्रम आयोजित करके शास्त्रीय संगीत को बढ़ावा दिया जाएगा। यह संगीतमय शाम न केवल प्रस्तुति में उत्क्रमित थी बल्कि दर्शकों के बीच संगीत के प्रति लगाव भी बढ़ाने वाली साबित हुई।
कुल मिलाकर, यह कंसर्ट एक उत्कृष्ट सजीव प्रस्तुतिकरण था, जहाँ तकनीकी दक्षता के साथ-साथ भावनाओं का भी उत्तम समायोजन देखने को मिला। संगीत के इस पर्व ने सभी को भारतीय शास्त्रीय संगीत की गहराई और व्यापकता की याद दिलाई।
