चेन्नई, तमिलनाडु: फिल्म निर्देशक सुधा कोंगरा ने अभिनेता शिवकार्तिकेयन की फिल्म ‘परासक्थि’ के लिए प्राप्त शेष भुगतान ₹8.39 करोड़ की वसूली के लिए मद्रास उच्च न्यायालय का सहारा लिया है। उन्होंने ‘इधयम मुरली’ नामक फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने का अनुरोध किया है ताकि उनका बकाया राशि दिलवाई जा सके।
सुधा कोंगरा ने दावा किया है कि वह इस विवाद का समाधान करने की कई कोशिशें कर चुकी हैं, लेकिन सफल नहीं हो पाई हैं। उन्होंने बताया कि ‘परासक्थि’ की डायरेक्शन करने के बाद भी उनका उल्लिखित भुगतान लंबित रखा गया है, जिससे उन्हें आर्थिक नुकसान हुआ है।
मद्रास उच्च न्यायालय में दायर याचिका में सुधा ने कहा है कि उनके साथ हुए अनुबंधानुसार तय भुगतान की राशि का भुगतान अभी तक नहीं किया गया है, जबकि फिल्म ‘परासक्थि’ ने बॉक्स ऑफिस पर अच्छा प्रदर्शन किया है। इस कारण वे मजबूर होकर कानूनी रास्ता अपनाने को बाध्य हुईं।
वहीं, ‘इधयम मुरली’ फिल्म के निर्माता और वितरक इस मामले में अपनी अलग राय प्रस्तुत कर सकते हैं। उन्होंने अभी तक मामले को लेकर कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है, परंतु फिल्म की रिलीज को लेकर उच्च न्यायालय जल्द सुनवाई कर सकता है।
फिल्म उद्योग में भुगतान विवाद आम बात है, परंतु इस मामले में सुधा कोंगरा की प्रतिष्ठा और वित्तीय हितों की सुरक्षा के लिए उनकी याचिका पर गहन विचार किया जाएगा। आगे की कानूनी प्रक्रिया से यह स्पष्ट होगा कि निर्देशक अपने बकाए पैसे की रक्षा कर पाती हैं या नहीं।
इस विवाद ने तमिल फिल्म जगत में चर्चा को जन्म दिया है, जहां निर्माता-निर्देशक के बीच आर्थिक लेन-देन को लेकर पारदर्शिता और समयबद्ध भुगतान की आवश्यकता पर बल दिया जा रहा है।
फिलहाल, ‘इधयम मुरली’ की रिलीज पर क्या असर पड़ेगा, इसका फैसला उच्च न्यायालय के आदेश पर निर्भर करेगा। सुधा कोंगरा ने न्यायालय से शीघ्र सुनवाई और न्याय की अपेक्षा जताई है।
