चंडीगढ़, हरियाणा। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने रविवार को कहा कि किसी भी समाज की महानता उसकी आर्थिक समृद्धि से नहीं, बल्कि इस बात से मापी जाती है कि वह अपने कमजोर, असहाय और वंचित वर्गों के साथ कैसा व्यवहार करता है।
उन्होंने कहा कि जो समाज अपने वंचित और जरूरतमंद नागरिकों का ख्याल रखता है, वही सच में प्रगतिशील और दयालु होता है। यह विचार उन्होंने पंजाब के लुधियाना में आयोजित 346वें मासिक विधवा राशन एवं सहायता वितरण समारोह को संबोधित करते हुए व्यक्त किया।
मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर ‘ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी’ के लिए 11 लाख रुपए की सहायता राशि देने की घोषणा की। उन्होंने शहीद लाला जगत नारायण को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देशभक्ति, सामाजिक सद्भाव और मानवता की सेवा में समर्पित कर दिया। देश की एकता और अखंडता की रक्षा के लिए उनका सर्वोच्च बलिदान सदैव प्रेरणा का स्रोत रहेगा।
नायब सिंह सैनी ने कहा कि लाला जगत नारायण द्वारा सेवा, समर्पण और राष्ट्रीय हित के प्रति प्रतिबद्धता की जो विरासत छोड़ी गई थी, उसे आज ‘ज्ञान स्थल मंदिर सेवा सोसायटी’ और ‘लाला जगत नारायण निष्काम सेवा समिति’ आगे बढ़ा रही हैं। यह संगठन मानव कल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य कर रहा है।
मुख्यमंत्री ने बताया कि स्वर्गीय जगदीश बजाज द्वारा 1997 में शुरू की गई यह सेवा पहल अब बड़े पैमाने पर जन-कल्याणकारी आंदोलन का रूप ले चुकी है। पिछले 346 महीनों से जरूरतमंद विधवा माताओं और बहनों को निरंतर सहायता प्रदान की जा रही है, जो एक मिसाल है।
उन्होंने जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद से प्रभावित परिवारों के लिए राहत सामग्री लेकर जाने वाले 64वें ट्रक के रवाना किए जाने की भी सराहना की। अब तक इस संगठन ने 1.65 लाख से अधिक जरूरतमंद विधवा परिवारों को राशन वितरित किया है। कोविड-19 महामारी के कठिन दौर में भी संगठन के स्वयंसेवकों ने घर-घर जाकर सहायता पहुंचाकर अनेक परिवारों की मदद की है।
इसके अतिरिक्त संगठन ने दिव्यांगजनों को 385 तिपहिया वाहन (ट्राइसाइकिल) उपलब्ध कराए हैं, 1.15 लाख से अधिक महिलाओं को सिलाई मशीनें दी हैं तथा 25,000 से अधिक बच्चों को कंप्यूटर शिक्षा प्रदान कर उनके उज्ज्वल भविष्य को संवारने में भी मदद की है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि संगठन की गतिविधियाँ केवल सहायता वितरण तक सीमित नहीं हैं, बल्कि यह महिलाओं और युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए निरंतर प्रयासरत है। कौशल विकास और स्वरोजगार को बढ़ावा देना इस पहल के महत्वपूर्ण अंग हैं, जो सकारात्मक सामाजिक बदलाव का उत्प्रेरक साबित हो रहे हैं।
नायब सिंह सैनी ने बताया कि हरियाणा सरकार माताओं, बहनों और बेटियों के सामाजिक, आर्थिक एवं शैक्षिक सशक्तिकरण के लिए विभिन्न कल्याणकारी योजनाएं लागू कर रही है। राज्य में विधवा महिलाओं को 3,200 रुपए मासिक पेंशन प्रदान की जा रही है। इसके अलावा दीनदयाल लाडो लक्ष्मी योजना के तहत पात्र महिलाओं को मासिक 2,100 रुपए की आर्थिक सहायता मिलती है।
हर घर-हर गृहिणी योजना के अंतर्गत 500 रुपए मात्र में एलपीजी सिलेंडर उपलब्ध कराया जा रहा है। मुख्यमंत्री विवाह शगुन योजना, लखपति दीदी अभियान, स्वयं-सहायता समूहों को सुदृढ़ करने और महिलाओं की सुरक्षा एवं शिक्षा सम्बन्धी अन्य पहलें भी सफलता पूर्वक चल रही हैं।
राज्य सरकार की दूरदर्शी नीतियों के तहत अब 81 नए कॉलेज खोले गए हैं, जिनमें से 31 महाविद्यालय केवल लड़कियों के लिए आरक्षित हैं। राज्य मुफ्त पोस्ट-ग्रेजुएट स्तर की शिक्षा भी प्रदान कर रहा है जिससे लड़कियां शिक्षा के माध्यम से आत्मनिर्भर बन सकें।
